याद नहीं अब तो कुछ भी | Yaad Nahi
याद नहीं अब तो कुछ भी ( Yaad nahi ab to kuch bhi ) याद नहीं अब तो कुछ भी बदली है तस्वीर यहां। जो मुखोटे पल-पल बदले बदली है तकदीर यहां। विश्वास प्रेम की धाराएं या बदल गई जीवन धारा। झूठ कपट ईर्ष्या मे मानव लोभ मोह में पड़ा सारा। याद नहीं अब…

