यदि होता नभ का पंछी मैं | Yadi Hota Nabh ka Panchhi main
यदि होता नभ का पंछी मैं ( Yadi hota nabh ka panchhi main ) यदि होता नभ का पंछी मैं दूर गगन उड़ जाता, नन्हें नन्हें उड़-पंखों से गगन घूम कर आता। फुदक फुदक कर खुशियों मन से चीं- चीं चूं- चूं गाता ऊपर नीचे कभी झुण्ड में उड़ता ही रह जाता। कोई आता…

