साथ चलो ( Saath chalo ) हर हर हर हर महादेव के, नारे के संग साथ चलो। गंगा के गोमुख से लेकर, गंगा सागर तक साथ चलो। काशी मथुरा और अयोध्या, तक निनाद का जाप करो। जबतक भारत पूर्ण समागम,ना हो तब तक साथ चलो। काश्मीर अपनी है पर, गिलगित और गारों…
क्या होता है पिता क्या होता है पिता, यह अहसास होता है तब। बनता है जब कोई पिता, अनाथ कोई होता है जब ।। क्या होता है पिता—————————।। रहकर मुफलिसी में पिता, बच्चों को भूखे नहीं रखता। छुपा लेता है अपने दर्द और आँसू, खुश बच्चों को वह रखता।। भूलाकर बच्चों की गलती ,पिता ही…
कविता ( Kavita ) युगो युगो से कविता महकी सदियों अलख जगाई दिलों तक दस्तक दे जाती शब्द सुधा रस बरसाई भावों की बहती सरिता काव्यधारा बन बह जाती जनजागरण जोत जला उजियारा जग में फैलाती प्रेम की पावन गंगा सी सद्भावों की अविरल धारा देशप्रेम जन मन जगाती हरती मन का…
सूनी होली ( Suni holi ) छेड़छाड़ ना कोई शरारत ना कोई हॅंसी ठिठोली ना कोई रंगों की महफ़िल ना कोई घूँट ना गोली सारा जग वैसा ही है पर लगती एक कमी है सोच रहा बैठा मेरा मन कैसी होली हो ली भीड़ भाड़ औ’ शोरो गुल सब सन्नाटा बन बिखरा जितना…
मुस्कुराना चाहिए ( Muskurana chahiye ) ****** सदैव मुस्कुराना चाहिए, भूल से भी क्रोध नहीं जताना चाहिए। धर्म, विज्ञान सबने इसे खारिज किया है, धैर्य और मुस्कुराने को ही प्राथमिकता दिया है। मुस्कुराने से सौंदर्य निखरता है, चेहरे पर तनाव आने से भी डरता है। स्वास्थ्यवर्धक भी है मुस्कुराना, सो साथियों सदैव मुस्कुराना । हर…
नैना ( कुण्डलिया छंद ) नैना नैना से लडे, नैन हुए लाचार। मन चंचल हो मचल रहा, अब क्या करे हुंकार॥ अब क्या करे हुंकार, शेर मन नाही लागे। तडप रहा हर रात, कहत न पर वो जागे। क्या तोहे भी प्रीत, जगाए सारी रैना। सावन बनकर मेघ, बरसते रहते नैना कवि : …