Kavita tumse hi himmat

तुमसे ही हिम्मत | Kavita tumse hi himmat

तुमसे ही हिम्मत

( Tumse hi himmat )

 

तुम से ही हौसला हमारा तुमसे ही हिम्मत हमारी
तुम दिल का करार हो मनमीत दिल की हो प्यारी

 

जीवन के इस सफर में हमसफ़र हो तुम हमारी
कदम कदम पे साथ देती महके आंगन फुलवारी

 

उन्नति आशा की किरणें प्रगति पथ पे प्रेरणा हो
प्रेम का बहता झरना दया धर्म कर्म करुणा हो

 

प्यार के मोती लुटाते साहस संबल हौसला हो
मुस्कुराहटों का दरिया अटूट प्रेम का मसला हो

 

आंधियों में ढाल बनती तलवारों का जोश तुम हो
अंधियारों में तुम रोशनी भूचालों का होश तुम हो

 

हर लेती थकान सारी राहतों का तुम ठिकाना
प्यार का हो सागर तुम मेरी खुशियों का ठिकाना

 

महकती सी वादियों से खुशबूओं का भंडार हो
जिंदगी में चमन खिलता प्यार भरा किरदार हो

 

हर हसीन लम्हों में पाता तुम ही मेरे दिलदार हो
घर के आंगन की सुरभि जीवन की प्रित बहार हो

 

 ?

कवि : रमाकांत सोनी सुदर्शन

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

यह भी पढ़ें :-

संग हमें रहना है | Geet sang hamen rahana hai

Similar Posts

  • परिवर्तन की अठखेलियों में | Parivartan ki Athkheliyon Mein

    परिवर्तन की अठखेलियों में ( Parivartan ki athkheliyon mein )    परिवर्तन की अठखेलियों में, खुशियों की रवानी है शाश्वतता अहम श्रृंगार, सृष्टि अलौकिक नियम । आशा उमंग उल्लास अथाह, समृद्धि चाहना अत्युत्तम । पटाक्षेप कर सघन तिमिर, आलोक पथ बखानी है । परिवर्तन की अठखेलियों में, खुशियों की रवानी है ।। लोभ मद लालच…

  • राम के ही जाप से

    राम के ही जाप से है अवध बलिहारी, पधारे है धनुर्धारी,दूर है अब अयोध्या, वियोग के शाप से, राम हैं पधारे जब, धन्य हुआ जग सब,गूँज उठा जयकारा, नगाड़े के थाप से, मान और नाम मिला, फूल सा जीवन खिला,भाग्य मेरे खुल गए, राम के ही जाप से। कर जोर भजूं राम, पावन तुम्हारा नाम,करना…

  • सिंदूरी सूरज | Poem Sindoori Suraj

    सिंदूरी सूरज ( Sindoori suraj )    सिंदूरी सूरज विशाल तेजी से अस्त हुआ धीरे-धीरे सांझ को बुलावा दे चला सरसराती पवन ने बालियों को यू छुआ पंछियों के कलरव ने अंबर से धरती तक चारों दिशाओं को गुंजायमान किया घरौंदो को लौट चलो कि अब अंधेरा हुआ गायों के गले की बजती हुई घंटियां…

  • वक्त बदलते देर ना लगती | Poem on waqt

    वक्त बदलते देर ना लगती ( Waqt badalte der na lagti )    समय बड़ा बलवान भैया दुनिया में करतार की चलती। कब डूबी नैया पार हो जाए वक्त बदलते देर ना लगती। वक्त बदलते देर ना लगती संकट का समय आए तो साहस रखना धीरज धरना। सुखों का सागर उमड़े तो सबका आदर सम्मान…

  • आनंदिता स्पंदन | Kavita Aanandita Spandan

    आनंदिता स्पंदन ( Aanandita Spandan ) आनंदिता स्पंदन, चिन्मय पथ पर नेह अंतर मंगल प्रवाह, सुख वैभव क्षणिक धार । तात्विक तथ्य गहन मंथन, ज्योतिर्मय दर्शन साकार । चंचल चितवन आरूढ़, नवल धवल भव रथ पर । आनंदिता स्पंदन, चिन्मय पथ पर ।। दृष्टि बिंब नैतिक सात्विक, आस्था स्पर्श अलौकिक छोर । क्रोध वैमनस्य मूल…

  • नया संसद भवन | Naya Sansad Bhavan

    नया संसद भवन ( Naya Sansad Bhavan )    नया संसद भवन, नई उम्मीदों की मंगल भोर हिंद लोकतंत्र नूतन अध्याय, सुषुप्त स्वप्न नव पंख । आशा उमंग नवल संचरण, विकास पथ प्रेरणा शंख । आदर्श गणनायक कदम, प्रतिक्षित जनभावों की ओर । नया संसद भवन,नई उम्मीदों की मंगल भोर ।। यथार्थ सार्थक मुद्दों पर,…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *