Suna Tha

सुना था | Suna Tha

सुना था

( Suna Tha )

( बेटी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं )


सुना था बचपन में हमने

एक छोटा सा राजकुमार आएगा

सुनहरे घोड़े पर बिठाकर

अपने महलों में ले जाएगा

सुना था हमने दादी के मुंह

मैं हूं एक छोटी सी राजकुमारी

कहते कहते गले लगाकर

मुझे सुनाती एक कहानी

सपने देखे थे भी हमने

एक राजकुमार आएगा

सुनहरे घोड़े पर बिठाकर

मुझे सात समंदर पार ले जाएगा

आज वह घड़ी आई है

दूर प्रिय जनों से होना है

पुराने रिश्तों को तजकर

नए को पिरोना है

पंख नहीं दिए ईश्वर ने

फिर भी कहीं कोई छोर नहीं

सारा घर है पराया उसका

अपना कहने को कुछ नहीं।

 नवीन मद्धेशिया

गोरखपुर, ( उत्तर प्रदेश )

यह भी पढ़ें :-

Similar Posts

  • मैं चाहता हूं

    मैं चाहता हूं   मैं चाहता हूं तुम्हारे हृदय में दो इंच ज़मीन जहाँ तुम रख सको मुझे विरासत की तरह सम्भाल कर पीढ़ियों तक बिना गवाएँ एक इंच भी……. बस तुम इतना कर लेना ज़मीन की तरह मुझ में बोते रहना अपने प्रेम का अंकुर और देखते रहना अपलक बढ़ते हुए……!!   ? कवि : सन्दीप…

  • तुम तो | Tum to

    तुम तो ( Tum to )   कौन सा काम कब करना है यही तो फ़ैसला नहीं होता तुम से यही तुम्हारी उलझन का सबब है और कमज़ोरी भी नाँच रही हैं आज बहारें महकी हुई हैं सभी दिशाएँ हंसने का मौसम है और तुम तो रोने बैठ गई हो बादल घिरे हैं बारिश का…

  • अवनीश कुमार गुप्ता ‘निर्द्वंद’ की कविताएं | Avnish Kumar Gupta Poetry

    बरखा की गोद में सोती संध्या घन गगन में गूँज रही बादल की मंद पुकार,धरती के आँगन में झर-झर मोती की बौछार। सूरज की लाली थककर पथ से धीरे खो जाए,बूँदों की चादर में संध्या चुपके सो जाए। पीपल की डाली से टपके मोती-से आँसू,भीगती हवाओं में छुप जाए दिन का मानसू। दीपक की लौ…

  • श्राद्ध पक्ष | Shradh Paksha Kavita

    श्राद्ध पक्ष ( Shradh Paksh )   पुरखों  को  सम्मान  दें,  हैं  उनके ही अंश। तर्पण कर निज भाव से, फले आपका वंश।।   बदला  सारा  ढंग  है,  भूल  गए  सत्कार। तर्पण कर इतिश्री किया, छूट गए संस्कार।।   तब  कौवों  ने  बैठ के, रच दी सभा विशाल। श्राद्ध पक्ष अब आ गए, समय बड़ा…

  • मै शिक्षक हूं | Main Shikshak Hoon

    मै शिक्षक हूं ( Main Shikshak Hoon ) शिक्षक बनके एक सुसंस्कृत समाज बनाना चाहती हूं मैं ज्ञान की पूंजी देकर योग्य मानव बनाना चाहती हूं मैं समाज में आत्मविश्वास का दीप जलाकर मुश्किलों से लड़ना सिखाती हूं मैं मन क्रम वचन से बाती बन खुद जलकर ज्ञान का प्रकाश फैलाना चाहती हूं मैं कोरे…

  • हमारा कश्मीर | Kashmir kavita

     हमारा कश्मीर  ( Hamara kasmir )   –> हमारे कश्मीर की धरती , रानी भारत देश की || 1.वो कश्मीर की यादें, वो सुनहरी वादियाँ | हो रही हों जैसे, बर्फीले पर्वतों की शादियाँ | वो ऊँचे लंबे सीधे-साधे , ब्रक्ष हरे देवदार है | बर्फ से लदे पत्ते, मानो कश्मीर मे त्योहार है |…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *