अगर रिश्ता निभाना हो वफाएं काम आती है

अगर रिश्ता निभाना हो वफाएं काम आती है

 

अगर रिश्ता निभाना हो वफाएं काम आती है।
नहीं जब साथ दे किस्मत दुआएं काम आती है।।

 

बहारें रूठ जाती है चमन से जब कभी यारो।
खिलाने को गुलों को तब खिज़ाएं काम आती है।।

 

कहो कब नेक होती है सभी ईंसान की फितरत।
नहीं समझे मुहब्बत जो सजाएं काम आती है।।

 

हमेशा ही बुरी होती अती हर चीज की जग  में।
जलाना या बुझाना हो हवाएं काम आती है।।

 

सबक़ ग़र सीखना है तो बढाओ मेल दुनिया से।
कहां जग को समझने में कथाएं काम आती है।।

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कवि व शायर: Ⓜ मुनीश कुमार “कुमार”
(हिंदी लैक्चरर )
GSS School ढाठरथ
जींद (हरियाणा)

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