निबंध : पुस्तक के बिना घर पक्षी के बिना पेड़ के समान है
निबंध : पुस्तक के बिना घर पक्षी के बिना पेड़ के समान है

निबंध : पुस्तक के बिना घर पक्षी के बिना पेड़ के समान है

( A house without a book is like a tree without a bird : Essay in Hindi )

 

प्रस्तावना ( Preface ) :-

मानव जीवन में पुस्तकों का बहुत महत्व है। पुस्तके मानव ज्ञान का भंडार होती है, साथ ही हमारी सबसे अच्छी मित्र भी। इंसान दुनिया में आता है और चला जाता है, लेकिन उसका कार्य, विचार, ज्ञान और संस्कृति पुस्तकों में हमेशा के लिए रहती हैं।

यही कारण है कि पुस्तकों का महत्व कभी कम नहीं होता है। किताबे हमें ज्ञान देती हैं उस ज्ञान को हम अपने जीवन की परिस्थिति अनुसार लागू करते हैं।

किताबें पढ़कर हम प्राचीन संस्कृति से अवगत होते हैं और भविष्य की रूपरेखा को बेहतर ढंग से समझ पाते हैं। इतना ही नहीं वर्तमान समय में खुद को हर हाल में आगे बढ़ने का हुनर हमें किताबों से ही मिलता है।

दुनिया में आज न जाने कितनी तरह की किताबें हैं बच्चों की किताबें, बड़ों की किताबें, सफलता की सीढ़ियां चढ़ने का मात्र सहारा किताबें ही हैं।

किताबें हमारी जिंदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होती हैं जो हमें दूसरों के अनुभव से अवगत करवाती हैं। दुनिया में ऐसे बहुत सारे लोग हैं जो किताबों को ही अपना सबसे अच्छा दोस्त समझते हैं।

किताबों को ज्ञान का खजाना कहा जाता है। लोग अपने खाली समय का उपयोग करने के लिए किताबों का सहारा ले सकते हैं।

जीवन में किताबों का महत्व

देश दुनिया की जानकारी –

किताबों के माध्यम से हम घर बैठे देश और दुनिया से जुड़ी तमाम जानकारी हासिल कर सकते हैं। दुनिया के अलग-अलग देशों की संस्कृति, जीवन यापन के तरीके, महासागर और नदियों आदि के बारे में विस्तृत जानकारी हमें किताबों के माध्यम से मिल जाती है।

शब्दावली बेहतर बनाना

किताबें पढ़ने के दौरान एक ही शब्द का अलग-अलग अर्थ में पता चलता है, जिससे शब्दावली हमारी बेहतर होने लगती है। हमारे लेखन में इसका फायदा होता है ।

अगर स्कूल की किताबों के साथ विद्यार्थी अच्छी प्रेरणादायक किताबें पढ़ने की आदत डाल लेते हैं तब उनकी शब्दावली बहुत जल्दी बेहतर हो जाती है, साथ ही किताबें हमारे जीवन का अंग भी बन जाती है।

महान व्यक्तियों के वचन

समय-समय पर देश और दुनिया में महापुरुष जन्म लेते रहते हैं। उनके अनमोल वचन हमारे लिए धरोहर के समान है जो हमें किताबों के माध्यम से ही प्राप्त हो सकते हैं।

महापुरुषों की वाणी आज भी हमें जीवन की सही दिशा दिखाने में मदद करती है और सही तथा गलत के बीच अंतर करने और स्वयं के विचारों को ऊंचा उठाने में इन महापुरुषों के वचन को पढ़ना काफी उपयोगी सिद्ध होता है।

अच्छी नींद में मददगार

सोते समय इलेक्ट्रॉनिक गैजेट का इस्तेमाल करने की बजाय अगर किताबें पढ़ी जाती हैं तो इससे बेहतर नींद लेने में मदद मिलती है और दिमाग को भी राहत मिलती है। इतना ही नहीं कुछ अच्छा पढ़ कर सोने से हमारी सोच का स्तर भी बेहतर होता है।

याददाश्त बढ़ाना

जहां टीवी देखने पर लोगों की कल्पना शक्ति कम हो जाती है और सोचने की क्षमता कम होती है, वहीं अगर किताबें पढ़ी जाती है तो कल्पना शक्ति हमारे जोहन में चलती रहती है और हमारे सोचने समझने की क्षमता तेजी से बढ़ती है। नियमित रूप से किताबें पढ़ने से याददाश्त भी बेहतर हो जाती है।

तनाव से राहत

आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हर काम निपटाने का दबाव रहता है, जिससे लगातार तनाव बना रहता है। ऐसे में थोड़ा सा समय निकाल कर किताबों को पढ़ने से दिमाग को रोजमर्रा की परेशानियों से हटाकर कुछ नया पढ़ने और सीखने का मौका मिलता है और तनाव कम होता है।

एकाग्रता बढ़ती है

अपनी पसंदीदा किताबें पढ़ने से न केवल मन को खुशी मिलती है बल्कि सारा ध्यान किताबों पर एकाग्र चित्त बना रहता है। विद्यार्थियों को किताबें पढ़ने का अभ्यास करना चाहिए जिससे एकाग्रता बढ़ाने के लिए उन्हें विशेष प्रयास करने की जरूरत न पड़े।

प्रेरणा किताबों में कही गई बातें किस्से और कहानियां हमें प्रेरित करते हैं और कुछ नया तथा बेहतर महसूस कराते हैं। महापुरुषों की जीवनी या सफल लोगों के संघर्ष की कहानियां पढ़कर हम उत्साहित होते हैं और इसके बेहतर परिणाम मिलते हैं। हमें सफलता प्राप्त करने में कहीं ज्यादा आसानी होती है।

निष्कर्ष :-

एक आम इंसान के विकास के लिए शिक्षा और साक्षरता का एकमात्र साधन किताबें हैं। आज संचार क्रांति के युग में पुस्तकों से उनके पाठक छीन लिए हैं जो कि एक बड़ी चुनौती है। किताबी ज्ञान का अकूत भंडार ही नहीं होती बल्कि हमारी सच्ची मित्र भी होती हैं।

किताबों के बगैर ज्ञान की कल्पना मुमकिन नहीं है। उच्च स्तरीय ज्ञान अच्छे लेखक की पुस्तकों से ही प्राप्त होता है। महात्मा गांधी, महात्मा बुद्ध जैसे व्यक्तियों के सिद्धांतों को हम पुस्तकों के माध्यम से ही बेहतर ढंग से समझ सकते हैं।

कहानियों के जरिए बच्चों को बहुत सारी चीजें सिखाई जा सकती है। पुस्तक को को पढ़ने से ज्ञान की भूख मिटती है साथ ही पुस्तकों की गहराई में जाने से आनंद की प्राप्ति होती है। अच्छी पुस्तकें श्रेष्ठ धरोहर है।

आज पुस्तकों पर एक संकट आन पड़ा है। गूगल के इस दौर में पुस्तकें अप्रासंगिक हो गई है यह काफी कुछ सत्य है। किताबें संसार बदलने का साधन नहीं है लेकिन बहुत बड़ा संसार है। जीवन में किताबों का महत्वपूर्ण योगदान होता है वह हमारा सही मार्गदर्शन करती हैं।

लेखिका : अर्चना  यादव

यह भी पढ़ें :-

दुर्गा पूजा पर निबंध | Durga puja par essay

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here