आ रहे हैं प्रभु श्रीराम | Aa Rahe Hain Prabhu Shri Ram

आ रहे हैं प्रभु श्रीराम!

( Aa rahe hain prabhu shri Ram )

बरसेगी कृपा राम जी की
हर्षेगा ह्रदय माँ जानकी की
युगों की तपस्या से लौट रहे,
मेरे प्रभु बाल स्वरूप में!
सज रही है उनकी अयोध्या
सिया पुकारें , यथाशीघ्र पधारें मेरे पिया!
आकार ले रहा मंदिर भी अब
विशाल, बहुमंजिला और भव्य,
विराजेंगे प्रभु श्रीराम तो देखेगा जग!
रामराज्य की कल्पना लिए ,
करोड़ों हृदय हैं आस लगाए
पधारें प्रभु श्रीराम तो
जन जन का जीवन धन्य हो जाए!
उल्लास उमंग की है अनुभूति
जगी चेतना हर भारतीय की
सम्राट भी अपने बने हैं व्रती
प्राण प्रतिष्ठा समारोह के हैं मुख्य अतिथि!
22 जनवरी को,
होली , दिवाली का मनेगा उत्सव संग
आभा चेतना देखकर राष्ट्र की
दुनिया रह जाएगी दंग!
विश्व गुरु का गौरव पुरातन
फिर से लौट कर आएगा
न्याय , शांति, सद्भाव, समन्वय का,
मार्ग भारत बतलाएगा।
गूंजेगा सिर्फ एक ही नारा
जय श्री राम का भारत प्यारा
विज्ञान, प्रद्यौगिकी , अनुसंधान
चाहे हो अंतरिक्ष विज्ञान
सबका बनेगा सिरमौर,
अपने विकास को दुनिया देखेगी
केवल भारत की ओर।

लेखकमो.मंजूर आलम उर्फ नवाब मंजूर

सलेमपुर, छपरा, बिहार ।

यह भी पढ़ें:-

https://thesahitya.com/bhrasht-neta/

Similar Posts

  • सागर पांव पखारे | Kavita Sagar Paon Pakhare

    सागर पांव पखारे ( Sagar Paon Pakhare )   मस्तक पर है मुकुट हिमालय, सागर पांव पखारे ! गोदी में खेले राम, कृष्ण, अवतार लिए बहु सारे !! भारत मां का रुप सलोना, देख मगन जग वाले ! धन्य धन्य हे आर्य पुत्र, है अनुपम भाग्य तुम्हारे !! निर्झर झरने, मीठी नदियां, शस्य श्यामला धरती…

  • संत कुमार सारथि की कविताएं | Sant Kumar Sarthi Poetry

    गजानन प्रथम पूज्य अधिदेव गणेशा,विघ्न विनायक अनुपम वेशा।भाद्र मास शुक्ल बुद्धवारा,लिया चतुर्थी को अवतारा।शंकर सुवन उमा महतारी,तेरी महिमा अद्भुत न्यारी।एकदंत लंबोदर रूपा,निश दिन पूजे सुर नर भूपा।पीत वसन वर मुद्रा धारी,सब जग के तुम हो हितकारी।चढे़ पुष्प फल मोदक मेवा,देवन में हो अधिपति देवा।पाश परशु त्रिशूल है धारे,कार्तिक जैसे भाई प्यारे।रिद्धि और सिद्धि संग नारी,स्वास्तिक…

  • आख़िर क्यों?

    आख़िर क्यों? क्यों हर राह तुझ तक जाती नहीं,क्यों तेरी झलक नज़र आती नहीं?हर रोज़ तुझे देखने की कोशिश की,फिर भी क्यों मेरी दुआ असर लाती नहीं? ना कोई शिकवा, ना कोई गिला है,तेरे बिना हर लम्हा मुझे अधूरा मिला है।मैंने तो बस तुझसे प्यार किया,फिर क्यों मुझे ये फ़ासला मिला? कभी ख्वाबों में, तो…

  • Kavita | राम नवमी

    राम नवमी ( Ram Navami )   भक्तवत्सल सत्य अविरल भूमिजा सुखधाम आये। अयोध्या में राम आये,अयोध्या में राम आये।। थी धरा सहमी हुयी बहु पापियों के पाप से, हे प्रभू आकर बचालो इस विकट संताप से, त्रास अवनी की मिटाने संतप्रिय श्रीधाम आये।। अयोध्या में राम ०।। नवमी तिथि नखत पुनर्वसु शुक्ल पक्ष विचार…

  • ओ इंसान | Oye Insaan

    ओ इंसान ( Oye Insaan ) ओ इंसान ,हर जगह छोड़,अपनी अच्छाई के निशान ।और अपनी, सच्चाई के निशान ।बस इसी में लगा , तू अपनी जान ।पहले बन , अच्छा इंसान ।फ़िर गुणवान, और चरित्रवान ।लोग करें , तेरा गुणगान ।कर तू कुछ , ऐसा मेरी जान ।बना अलग ,अपनी पहचान ।करें सब तुझपर,…

  • आओ खोलें मन की तहें | Mann ki Tahen

    आओ खोलें मन की तहें ( Aao khole mann ki tahen )    आओ खोले मन की तहें कुछ सुने कुछ कहें खोल दे गांठे हम भी दर्द मन के जो दबे रहे इक दूजे के दुख बांटे पीर मन की सब कहे अंतर्मन में व्यथा दबाए चिंताओं में क्यों रहे सुख-दुख धूप छांव से…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *