Author: Admin

  • विनय साग़र जायसवाल की अध्यक्षता में कवि सम्मेलन, शुभम संस्था ने किया आयोजन

    शुभम साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था की अध्यक्ष सत्यवती सिंह सत्या ने मशहूर शायर विनय साग़र जायसवाल की अध्यक्षता में कवि सम्मेलन तथा सम्मान समारोह का आयोजन खुशहाली सभागार में आयोजित किया। मां शारदे की वंदना सत्यवती सिंह सत्या ने की । कार्यक्रम को अपने बेहतरीन संचालन से राज शुक्ल ग़ज़लराज ने बुलंदी पर पहुँचाया। इस…

  • मैं कलम हूॅ॑

    मैं कलम हूॅ॑ कलम बड़ी अनमोल है,जाने चतुर सुजान।दया धरम अरु शील का,,करती बहुत बखान।। कलम लेख की शान है,लिखती है भरपूर।लिखे आत्म का ज्ञान ये, दृष्टि रखती सुदूर।। चलती जब है यह कलम,लिखे सदा गुणगान।कहती सब है सच सदा, होती कलम महान।। तीन अक्षर का नाम है,करती बहुत कमाल।हाथ पड़ी जब योग्यता,चमका उनका भाल।।…

  • सुनीता विलियम्स के बहाने

    पहचान आज उस अख़बार की हेडलाइन दूसरे अखबारों से एकदम अलग थी—“पहचानिए सुनीता विलियम्स को!”साथ में एक फोटो था, जिसमें पुरुष, महिलाएं और बच्चों की भीड़ थी, जो एक हवाई जहाज़ की ओर बढ़ रही थी। समाचार में लिखा था, “भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स धरती पर लौट आईं। हर ओर गर्व और खुशी की…

  • दार्शनिक शोध विधि : अस्तित्व की व्यवस्था

    सर्वप्रथम तो हम ये जानना चाहेंगे कि दार्शनिक विधि क्या है ? यह जो विधि है ये एक दर्शन का अनुसंधान है, यह दर्शन-विवेचन की एक लिए इस्तेमाल की जाने वाली विधियों का अध्ययन है, तत्वमीमांसा की एक शाखा है, दार्शनिक विधि में प्रश्न करना, आलोचनात्मक बातचीत करना या चर्चा करना, तार्किक तर्क और व्यवस्थित…

  • तलाक की भेंट चढ़ते ‘तेरे मेरे सपने’

    जब सपने बिखरते हैं, प्रेम विवाह में तलाक बढ़ते हैं आजकल तलाक के बढ़ते मामलों ने समाज में एक नई चिंता को जन्म दिया है। चाहे अरेंज मैरिज हो या प्रेम विवाह, रिश्तों में दूरियाँ बढ़ने से वैवाहिक जीवन अस्थिर होता जा रहा है। तलाक सिर्फ़ दो लोगों को ही नहीं, बल्कि उनके परिवारों, बच्चों…

  • मासूम चिरैया

    Happy Sparrow Day कई दिनों सेघोंसला बनाने की चाह मेंरोज घंटोंटुक टुककरती सी मासूम चिरैया नहीं जानती किजो दिखता हैवो कोई ठौर नहींठिकाना नहीं इक भ्रम ही है होने कान होने कावहमदरमियां याविश्वास उसका…. चील कौओं की दुनिया में , ऐ मासूम चिड़िया, तेरा और तेरे वजूद का खुदा ही हाफिज हो। “Monitor the Sparrows…

  • गौरव का क्षण

    गौरव का क्षण हर जागरूक इन्सानअपने जीवन में सुख चाहता हैवह उसका जीवन हो सुन्दरऔर सार्थक इस हेतु प्रयासभी उसका सदैव होता है किबड़े भाग्य से मिलने वालायह मानव जीवन न जाए निरर्थककुछ लोग सुखी रहने का मंत्रखोजने में जिंदगी गुजार देते हैंपर प्रायः निराश ही होते हैंवह अगर कोई गुणवान औरप्रतिभावान हो तो उसे…

  • सव्वा किलो गुड़

    महेंद्र भाई की छोटी सी उम्र मे मौत के बाद मेरे ससुर जी स्व. गेबिलाल जी ढालावत साहेब ने नागपुर के गड्डी गोदाम स्थित दुकान और घर को छोड़ने का फैसला करते हुए निर्णय लिया की कलमना स्थित घर मे रहने हेतु जाये.. वहीँ किराणे की दुकान शुरू की जाये। महेंद्र भाई मेरे इकलोते साले…

  • थर्डजेंडर: एक वंचित समुदाय की कहानी

    भारतीय समाज में थर्डजेंडर या किन्नर समुदाय को हमेशा हाशिए पर रखा गया है। इन्हें समाज की मुख्यधारा से बाहर और उपेक्षित कर दिया गया है। जीवन को अपनी शर्तों पर जीने का अधिकार रखने के बावजूद यह समुदाय सम्मान, पहचान और अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने में लगा हुआ है। समाज की कठोर मान्यताएँ…

  • समदर्शी

    राम और श्याम दो ऐसे व्यक्ति थे जो एक ही सरकारी कंपनी में समान पद पर कार्यरत थे। लेकिन उनके व्यक्तित्व और व्यवहार में बहुत बड़ा अंतर था। राम एक ऐसा व्यक्ति था जो अपने से नीचे पदों पर आसीन व्यक्तियों के साथ अभद्र व्यवहार करता था। वह उन्हें निम्न दृष्टि से देखता था और…