बांसुरी बजाने बाला

बांसुरी बजाने बाला

बांसुरी बजाने बाला

बांसुरी बजाने बाला कन्हाई नहीं होता।
मजबूरी में लिया फैसला बेवफाई नही होता।

बाज़ू न होने का दर्द उससे पूछो।
जिसका कोई भाई नहीं होता।

मां को ठुकराओगे इस कदर तो।
दुःख में आंचल सहाई नहीं होता।

उसकी सूरत ओ लिबास मत देखो।
सच कहने वाला सौदाई नहीं होता।

रह कर दिल में न मिलने का मलाल कैसा।
पगले दूरी का मतलब जुदाई नहीं होता।

सीने पड़ते हैं होंठ अपनों के लिए भी।
चुप्पी का अर्थ तन्हाई नहीं होता।

सुदेश दीक्षित

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