रक्त बीज ( फिल्म स्क्रिप्ट )
रक्त बीज ( फिल्म स्क्रिप्ट )

रक्त बीज ( फिल्म स्क्रिप्ट )

एक मॉल मे प्रिन्टेड कपडे खरीदतीं तीन सहेलियों के साथ उनके तीन मंगेतर,बॉय फ्रेंड,हंसी-मजाक के साथ खाना खाया |अगले दिन चर्च,दुल्हन की तरह सजी है,मेहमानों के बीच शानदार पार्टी,लजीज खाने की तारीफ करते लोग,तभी एक गाडी आ कर रूकी,लीजा गाडी से उतर जोंस के पास आई,किश की,शादी कर,पार्टी मे चार चाँद लगा दिए |

सभी अपने हैं,पर लड़की के चाचा नहीं आए,फौजी हैं,छुट्टी नहीं मिली |पर आशीर्वाद मे हनीमूँन का सारा खर्चा उठाया |जोंस ने 3 कपल,यानी 6 टिकिट कीं,सब ने शॉपिंग की,और फ्लाइट पकड निकले |एयरपोर्ट मे उतर,टैक्सी पकड,होटल पहुँच मैनेजर से बात की,मैनेजर सब को हवेली ले जा,सब को रूम दिखाये,और निकल गया |

काफी बड़ी हवेली हैं,सब हवेली की सुन्दरता और अंग-भंग पड़े पुतले और फोटुओं को देख,अंग जोड रखते हुए,बाहर निकल घूमते,खाना-पीना खा,कुछ खाने और जानबरों और अन्य की सुन्दर मूर्तीयों की सौपिंग कर वापस अपने रूम आए,सब मस्ती मे थे |…उधर…घर पर फौजी चाचा आए |

सब अच्छे से हुआ सुन,बात करते,खाना पीना हो रहा है |ड्रिंक करते हुए फिल्म “हिल्स-पार्टी”देख रहे हैं |मछली का आक्रमण,जिन्दा बचे लोगों का डर,और म्यूजियम मे मछली की बड़ी आँख देख,एक कहानी याद आई,लीजा के पापा को फौजी चाचा ने कहानी सुनाना शुरू किया,[कहानी द्रश्य–मैं जब उधर था,एक बड़ी हवेली के मालिक का फोन आया,हम अपनी फौज ले पहुँचे,देखा,दूसरी दुनिया का एक अजीब सा जीव भयानक चेहरे के साथ हवेली के मालिक को मारना चाहता है |

हमने उसे घेरा,वह हम पर झपटा,हमने फायर किया,तो वह हवेली मे घुसा,हमने फायरिंग शुरू की,गोली लगती रही,और वह खून से लथ-पथ पूरी हवेली मे भागते हुए हमारे कुछ साथियों को मार दिया |बड़ी मुश्किल हुई,लाखों गोलियां लगी,आरे से दो टुकडे किए,वह जुड गया,फिर सर काटा,फिर जुड गया,इस बार हमने फ्लान कर टुकडे करते,और सुलगती भट्टी मे डाल भस्म करते गए,ऐसे उसे मार सके |

सुबह होने को थी,आश्चर्य तब हुआ,जब हवेली मे फैला खून,खुद ही गायब हो गया |…उधर…रात हुई,चाँद अपनी जवानी मे था,सब मस्ती मे व्यस्त हैं,तभी गेट पर सजे पुतले ने गेट लॉक किया,आवाज सुना,पर ध्यान नहीं दिया |तीनों अपने पार्टनर के साथ,सुहाग-रात शुरू करते,कपडे उतार अर्धन्ग्न हो,पूरे जोश के साथ टूट पड़े |वहां होने वाली छोटी छोटी हरकतों पर किसी का ध्यान ही नहीं गया |…उधर…पिता,,ओह,फिर ? फौजी,,फिर,ठीक पन्द्रह दिन बाद,पूर्णिमा की रात,चमकता चाँद,फिर फोन आया,हम पहुँचे,वही हवेली,पर माजरा कुछ और ही था |

सारी निर्जीव बस्तुएं {[पुतले,जानवर,टेबिल,चाकू,तस्बीर के पशु-पक्षी आदि जीवों का बड़ा संग्रह था }]सब सजीव हो,आक्रमक हो गए थे,हम सब ने तलवार,आरा,और गनो से सभी को अंग-भंग कर,किसी तरह मालिक को बचाया,बहुत खतरनाक मिशन था,हमारे कुछ साथी घायल हुए,मुझे एक नीले,टूटे काँच के टुकडे के नीचे कुछ सफेद छींटे दिखे मैने टुकडा उठा चारो ओर देखा,मुझे पुराना मंज्जर याद आ गया,उसे हवेली छोडने की सलाह दी,होटेल के मेनेजर को चाबी दे ताला लगा चला गया |

पहली बार मिशन समाप्त होने के बाद मिशन का नाम(“रक्त-बीज-blood-seed,सफेद खून (white-blood),खूनी शैतान(Bloody devil))”रखा गया था |फिर बच्चों की बातें हुई,|…उधर…सब सेक्स के भूँखे,नग्न हो टूट पड़े थे,चौदवीं की रात,हवेली मे किसी के दौडने की आवाज जोरों से आ रही थी,पर सब ने नकार दिया | सभी का सेक्स चरम सीमा पार कर रहा था,अचानक लड़की आईने मे देख,चीख उठी,पलट कर देखा तो बड़ी मकडी पास आ रही है,दोनो चिल्लाते हुए,चादर लपेट भागने लगे |

दोस्तों ने आवाज सुनी,मस्ती में है चीखें निकलवा दीं,तभी दूसरे को आवाज आई,देखा तो कालीन के चित्रों मे से”खरगोश” निकल भागा,वो भी चिल्लए |तीसरा जोडा देखने आ रहा था,तब ड्रेस मे प्रिंट चूहे और छिपकली उछल-उछल भागने लगे | दोनो चीख कर,कपडे उतारते हुए भागे,सारे लोग इकठ्ठे हो अपनी-अपनी सुनाते हुए पसीने छोड रहे हैं |डर कर सभी ने कपडे उतार फेंके |

अब हवेली की सारी निर्जीव मूर्तियां,जानवर,तस्वीरें,फर्नीचर सजीव हो आक्रमक हो,आक्रमण करने लगे |बांदूकें अपने आप चलने लगी,छुरियां,तलवारें हवा में दौडने लगी सब पागल हो,बचने की कोशिस कर रहे हैं |सब एक साथ बाथरुम मे बन्द हो गए,बाथरुम की टाइल्स की मछलियां सजीव हो सब पर हमला किया,सबने पलटबार कर मछलियों को मारा,एक लड़के को लहु-लुहान कर दिया,किसी तरह सुबह हुई,सब नॉरमल था,अपने कपडे सही कर,सबने भागने की कोशिस की,कामयाब नहीं हुए |

भूँखे-प्यासे रात भर जगे थे,दिमाग काम नहीं कर रहा है,सब ने कहा मरना पक्का है,बचने का कोई रस्ता नहीं है |तभी लीजा के पास फौजी चाचा का फोन आया,जोंस ने बात कर घबराते हुए आप-बीती बताई |…उधर…चाचा ने हवेली का नाम पता पूँछा,हिम्मत रखने,और तुरंत पहुँचने बोला |

फोन रखते हुए लीजा के पिता को सच बता,तुरंत निकले |…उधर… दिन गुजरता गया,सब ने एक कमरे में बहुत सी चीजें,कपडे,पुतले आदि इकठ्ठे कर लॉक किया | फिर शाम हुई,चेहरों की चमक जाने लगी,सब एक-दूसरे की ओर देख,हांथ थाम प्रार्थना करते हैं |

अब रात हुई,एक लड़के ने इकठ्ठी की चिजों को आग लगाने की बात कर,ढेर मे तेल डाल माचिस जला ही रहा है,की अचानक पुतला शेर जीवित हो,लड़के को खा गया,सब डर कर एक कमरे मे भाग छिपे |…उधर…फौजो चाचा ने टुकडी (फौज)को सूचना दी,सब तैयारी कर निकले |…इधर…चारो ओर से जानबरों,सामान गिरने की आबाजें,कमरे का दरबाजा बज-बज कर टूटने वाला है ,सब दौड कर दूसरे कमरे पहुँचे,घायल लडका गिरा,तभी गिद्ध,भेडियो ने जिन्दा नोच खा डाला,सब की रूह कांप गई,देख कर रोए |…इधर…फौज पहुँच कर,हबेली को घेर कर,चारो ओर बम लगा,लड़ाकु हेलीकॉप्टर,तैयार कर अंदर ना जा पाये,तो अपने होने का अनाउन्स किया |…उधर…सब परेशान भाग रहे हैं कहीं डायनाशोर,कहीं सांप |

सभी चीजें अपना काम कर सब का पीछा कर,नुकसान पहुँचा रही हैं |तभी सफेद भालू ने हीरो को घायल कर डाला |मुश्किल से बचा |एक लड़की को कोंक्रोच,छिपकली,मकडी,पक्षी आदि ने घायल कर दिया |बचे हुए लोग एक अंधेरे कमरे मे छिपे,एक लड़के को सांप ने काटा, लड़की ने जहर चूसा |

अब गेट टूटने को आया,सब डरे-सहमे है,दुआ कर रहे हैं,तभी बाहर से टेक्नोलॉजी गानों से फायर होने लगे,कई जानबर गोली से मरकर गिरने लगे,सुबह होने ही वाली है ,कमरे के बाहर एक धारदार बड़ा चाकू हिलते-हिलते रोकिट की तरह गेट के अंदर एक लड़की को घुसा,मर गई अब तीन ही बचे,एक |

तेज आवाज आ रही है,गेट के बाहर डायनासोर,भालू, बन्दर,शेर आदि गेट को धक्का दे रहे हैं ,गेट टूटा ही था,सब झपटे ही थे,एक लड़की बेहोश हो गिर गई तभी सुबह हो गई |सब निर्जीब हो गिरने लगे |जो होश मे थे,खुश हो,बेहोश लड़की को ले बाहर आए,मैन गेट आपने आप खुल गया |

तीनो{{घायल हीरो, बेहोश लड़की,घायल लड़की }},बाहर आ फौजी चाचा और पिता से मिल तीनो की मौत के बारे में बताया,सब दुखी हुए |अब सारी हवेली मे तेल छिड़क,बमों को एक्टीवेट कर,बम रेंज से दूर जा हवेली को उडा दिया |हवेली के खूब-सूरत पत्थर का एक टुकडा दूर,पानी मे जा गिरा |

हवेली की ओर देखते हुए,सब उदास हो वापस जाते हैं,नया जोडा बिछड गया |……… उधर……….पत्थर का टुकडा,नीले पानी मे उन्हीं सफेद छिंटों से भरा(छींटे दिखते हुए)डूब गया |||||
[[पार्ट -2 के लिये ऑप्सन छोडा है,दूर जा गिरे छींटे वाली चीजें]]

°°°°°समाप्त°°°°°

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फिल्म (हॉलीवुड)–>रक्त बीज(Blood seed)
,सफेद खून (white-blood),खूनी शैतान(Bloody devil)
लेखक –> सुदीश कुमार सोनी
गीत लेखक –> सुदीश कुमार सोनी
रजि.सदस्य –> 25830
रजि.संख्या –>398846

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लेखक:  सुदीश भारतवासी

मो .9770740776
Email: sudeesh.soni@gmail.com

नोट–> अगर आप इस स्क्रिप्ट पर आप फिल्म बनाना चाहते हैं तो कृपया लेखक से संपर्क करें, और भी Hollywood and Bollywood की scripts,stories & songs तैयार हैं, बिल्कुल नए अन्दाज मे | धन्यवाद ||

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