साहित्यिक शिक्षक राष्ट्रनिर्माता होते हैं
शिक्षक कभी भी साधारण नहीं होता I प्रलय और निर्माण उसकी गोद में खेलते हैं, आचार्य चाणक्य के ये शब्द आज भी उतने ही प्रासंगिक हैंI तक्षिला के आचार्य चाणक्य ने किस तरह पूरे भारत के इतिहास को बदला था, ये सभी जानते हैंl श्रेष्ठ साहित्य किसी ज्ञानवान की ही कृति होती आई हैंl भारत…










