Category: विवेचना

  • पहाड़ों की दास्तां और गांव में रास्ता

    तुम मिलकर मुझे तोड़ो मैं तुम सबके लिए अकेला ही काफी हूं। पहाड़ों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर तुम अपना रास्ता निकाल लेते हो कभी सोचा है बरसात में जब काई जमती है और उसमें छोटे-छोटे फूल उगते हैं पूरी प्रकृति एक पहाड़ पर जीवन देने के लिए एकत्रित होती हैं। उस पहाड़ पर जब…

  • याद शिक्षक की | Yaad Shikshak ki

    आज मुझे वह समय क्यों याद आया जब सालों पहले मेरे शिक्षक रमेश चंद्र जी विकास हाई स्कूल भावड में टीचर हमें पढ़ा रहे थे कि उनके किसी प्रियजन के आने पर वह हमें छोड़कर कुछ देर के लिए क्लास से बाहर चले गए, टीचर की अनुपस्थिति का बच्चों पर क्या असर होता था। हुआ…

  • विश्व कैसर दिवस | Vishwa Cancer Divas

    एक घटना प्रसंग मैं कुछ समय पूर्व दिवंगत शासन श्री मुनि श्री पृथ्वीराज जी स्वामी ( श्री ड़ुंगरगढ़ ) के सानिध्य में दोपहर शाम को स्वाध्याय लेखन आदि करता था । उस समय शाम को मेरा मुनिवर के साथ में कुछ महिलाओ का नियमित स्वाध्याय का क्रम चलता रहता था । मुनिवर का स्वास्थ्य आदि…

  • भारतीय समाज और लड़कियां | Bhartiya Samaj aur Ladkiyan

    हमारे भारतीय समाज में स्त्री जाति की हमेशा से ही पूजा की गई है बल्कि उनको सदैव ही सम्मान का अधिकारी बनाया गया मां, बेटी, बहिन या फिर पत्नी जहां सदैव ही स्त्री को आगे रखा गया परंतु युग परिवर्तन के दौरान जब-जब भारत पर आक्रमण हुआ तब पाश्चात्य संस्कृतियों ने हमारे समाज पर बहुत…

  • अयोध्या का ‘नया अध्याय’ : आस्था का संगीत, इतिहास का दर्पण

    अयोध्या की पावन धरती पर, सरयू नदी के मधुर स्वर के साथ गुंजायमान श्री राम जन्मभूमि मंदिर की भव्यता आस्था का एक ऐसा महाकाव्य प्रस्तुत करती है, जिसके स्वर सदियों के इतिहास को बयां करते हैं। भगवान राम के जन्मस्थान के रूप में विख्यात, यह मंदिर केवल ईंटों और पत्थरों का समूह नहीं, बल्कि भारत…

  • नेताजी सुभाष चंद्र बोस | जन्मजयंती

    एक ऐसा महान देशभक्त जो तुम मुझे खून दो,मैं तुम्हें आजादी दिलाऊँगा का प्रणकर्ता स्वतंत्रता सेनानी, आजाद हिन्द फौज के निर्माता व कर्णधार,जय हिन्द का जोशीला नारा बुलंद करने वाला आदि भारत माता के महान सपूत नेताजी सुभाष चंद्र बोस को उनकी जन्म जयन्ती पर मेरा श्रद्धा से शत – शत नमन । हो ऐसा…

  • राम राम | Ram Ram

    राम राम ( Ram – Ram ) संसार विरक्ति का मंत्र है अभोग , त्याग , विसर्जन , निर्लिप्त , आदि । पदार्थ में आसक्ति संसार समुद्र में धँसा देती है और भीतर ही भीतर उसे धर्म से विमुख होने का पोषण देती हैं । यह ध्रुव सत्य हैं कि भौतिक चकाचौंध में पदार्थ- भोग…

  • श्री राम मंदिर ऐतिहासिक पल | Shri Ram Mandir Aitihasik Pal

    जाकर नाम सुनत शुभ होई, मोरे गृह प्रभु आवा सोई। अयोध्या का नाम आते ही मन में जो विचार आते हैं, वह है राम की कहानी, विश्वास की कहानी ,समूची भारत की आस्था की कहानी । अयोध्या हमेशा से ही धार्मिक एवं आध्यात्मिक केंद्र रहा है , अयोध्या एक प्राचीन शहर है और इसे हिंदुओं…

  • राष्ट्रीय युवा दिवस | Rashtriya Yuva Diwas

    भारत में स्वामी विवेकानन्द की जयंती, अर्थात 12 जनवरी को प्रतिवर्ष राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है।राष्ट्रीय युवा दिवस 2024 की थीम है, ‘इट्स ऑल इन द माइंड मतलब सब कुछ आपके दिमाग में है। सरल शब्दों में कहा जाए तो अगर किसी से कुछ करने की ठान ली, तो उसे पूरा…

  • लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि

    पुण्य तिथि ११ जनवरी विशेष सादा जीवन -उच्च विचार का नारा तो बहुतों ने दिया परंतु यदि किसी के जीवन में प्रत्यक्ष दर्शन करना चाहते हैं तो वे महान आत्मा थे लाल बहादुर शास्त्री जी । प्रधानमंत्री जैसे सर्वोच्च पदों पर पहुंचने के बाद भी उनकी सादगी वैसे ही रहीं जैसे बचपन में थी ।…