Category: शेरो-शायरी
कल तक गिना रहे थे, जफाओं की वो मिसाल | Ghazal
कल तक गिना रहे थे,जफाओं की वो मिसाल ( Kal tak gina rahe the jafaon ki wo misaal ) कल तक गिना रहे थे जफाओं की वो मिसाल ! हैं सामने खुद उनकी वफाओं पे ही सवाल !! हर शख्स उनके दौर का है उनको जानता कायम हमेशा से रहे हैं उनके…
दे सहारा जिंदगी भर इस अभागा के लिए | De sahara poem
दे सहारा जिंदगी भर इस अभागा के लिए ( De sahare jindagi bhar is bhaga ke liye ) दे सहारा जिंदगी भर इस अभागा के लिए अब किसी को भेज दे रब इस तन्हा के लिए नफ़रतों की लग रही है धूप मुझको ही बहुत प्यार की बैठूं जिधर मैं भी छाया…
अनदेखा गरीब | Andekha gareeb
इसलिए मैं हुआ अनदेखा गरीब हूँ! ( Isliye main hua andekha gareeb hoon ) इसलिए मैं हुआ अनदेखा गरीब हूँ! मैं अमीरों में था यूं तन्हा गरीब हूँ तू अमीर तुझसे क्या दोस्ती है मेरी सुन ज़रा बात तू मैं यारा गरीब हूँ इतनी मिलती नहीं है मजदूरी मुझे कैसे आटा…
मुहब्बत तुझे दिल में उतार दिया | Muhabbat geet
मुहब्बत तुझे दिल में उतार दिया ( Muhabbat tujhe dil mein utar diya ) मुहब्बत तुझे दिल से उतार दिया तेरी आरजू अब न करेगे हम मिली नफ़रत प्यार से बहुत है प्यार की झलक कब मिली है सजा बन गयी प्यार की लगी जिंदगी जल रही है ग़म से …
आज आटा देख महंगा कर दिया | Mahangai poem
आज आटा देख महंगा कर दिया ( Aaj aata dekh mahanga kar diya ) आज आटा देख महंगा कर दिया! मुफ़लिसी पर जुल्म ऐसा कर दिया नोटबंदी ऐसी हुई है मुल्क में यार सारा रद्दी पैसा कर दिया लड़ रहे है रहनुमा से नौजवां नौकरी का झूठ वादा कर दिया …
रंग नहीं है अब कोई भी | Hunkar ki poetry
रंग नहीं है अब कोई भी ( Rang nahin hai ab koi bhi ) रंग नही हैं अब कोई भी, जीवन की रंगोली में। जाने कितने जहर भरे हैं, अब लोगों की बोली में। चेहरे पर भी इक चेहरा है, कैसे किसको पहचाने, भीड़ मे भी हुंकार अकेला, रंगहीन इस होली…
इश्क़ बस एक बार होता है | Ishq ghazal
इश्क़ बस एक बार होता है ( Ishq bas ek baar hota hai ) इश्क़ बस एक बार होता है कुछ दिनों का ही यार होता है रात दिन याद है सताती फिर रात दिन इंतज़ार होता है इश्क़ में कब किसे मिली खुशियां इश्क बस अश्कबार होता है आपको क्या…
मेरी नींद का ख्वाब हो तुम | Meri Neend ka Khwaab ho Tum
मेरी नींद का ख़्वाब हो तुम ( Meri neend ka khwaab ho tum ) टूटे है भरम दिल के सभी तेरे दर से लौट आये हम बस मेरा ख़्वाब था तू कोई हक़ीक़त नहीं अगर किसी मोड़ पर मिल जाये कभी तो निगाहें बचाकर पास से गुजर जाना कभी याद…
हैं कल के ही जनाजे, कान्धे बदल गये हैं | Hain kal ke hi janaze | Ghazal
हैं कल के ही जनाजे, कान्धे बदल गये हैं! ( Hain kal ke hi janaze,kandhe badal gaye hain ) हैं कल के ही जनाजे, कान्धे बदल गये हैं! चेहरे बदल गये हैं , मातम बहल गये हैं! तूफान जैसा आया, लगता है आजकल तो खामोश कातिलों से , सीने दहल गये…
पास में वो आजकल चेहरा नहीं | Dil shayari in Hindi
पास में वो आजकल चेहरा नहीं! ( Paas mein wo aajkal chehra nahi ) पास में वो आजकल चेहरा नहीं! इसलिए दिल अब यहाँ लगता नहीं याद आये तू नहीं जो रात दिन जीस्त में ऐसा मगर लम्हा नहीं हो गया किस बात का इतना गरूर वो ख़ुशी से अब मगर…