Category: शेरो-शायरी

  • किसी से यहाँ हम वफ़ा कर चले | Ghazal wafa kar chale

    किसी से यहाँ हम वफ़ा कर चले ( Kisi se yahan hum wafa kar chale )     किसी से यहाँ हम वफ़ा कर चले वफ़ा प्यार की हम सदा कर चले   चले फ़ासिली फेरकर रोज़ मुंह वही कल निगाहें मिला कर चले   छुड़ाकर मगर हाथ मुझसे वही मुझे आज वो ही रुला…

  • प्यारी होली | Holi poetry

    होली ( Holi )   रंगों से फिर भीगी होली उल्फ़त लेकर आयी होली   सब मिल जुलकर जिसको खेलें वो ही यारो प्यारी होली   झूम उठे हैं दिल खुशियों से जब भी देखो आती होली   आओ मिल ले इस होली में किसने देखी अगली होली   हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई है लोगों…

  • होली है | Poem Holi Hai

    होली है ( Holi Hai )   चादँ ने पूछा चादँनी से क्या है आज चाँदनी बोली होली है चन्दन की खुशबू लाई सुबह हवा आज गुलाल से हर फरद सरशारे रवाँ आज दुश्मन को भी गले लगाये आज ऊँच नीच का भेद मिटाये आज सबमे प्यार व मोहब्बत जगाये आज।। होली मुबारक🌹🌹   लेखिका…

  • मुझे कब मगर वो वफ़ा दे गया | Wafa ghazal

    मुझे कब मगर वो वफ़ा दे गया ( Mujhe kab magar wo wafa de gaya )     मुझे कब मगर वो वफ़ा दे गया वफ़ा में मुझे वो दग़ा दे गया   जिसे रात दिन चाह मैंनें बहुत मुझे हिज्र की वो सजा दे गया   ख़ुशी के दिये फूल उसको बहुत मुझे वो…

  • फूलों की मगर वो ही बौछार नहीं करता | Ghazal in hindi

    फूलों की मगर वो ही बौछार नहीं करता ( Phoolon ki magar wo hi bauchhar nahi karta )     फूलों की  मगर वो ही बौछार नहीं करता इक़रार मुहब्बत वो ही यार नहीं करता   वो तल्ख़ करे है  बातें ख़ूब मगर मुझसे वो  यार ज़रा भी मुझसे प्यार नहीं करता   पर भेज…

  • सियासती बुरके पहनकर,वो बग़ावत कर रहे हैं | Ghazal

    सियासती बुरके पहनकर,वो बग़ावत कर रहे हैं ( Siyasati burka pahan kar wo bagawat kar rahe hain )   सियासती बुरके पहनकर,वो बग़ावत कर रहे हैं !!– हर तरह से इस वतन में,रोज वहशत भर रहे हैं !!–   कहते – करना चाहते हैं, रहते लोगों की भलाई जुल्म सहते लोग उनसे,पर हिकारत कर रहे…

  • आज पीते शराब देखा है | Sharab Shayari in Hindi

    आज पीते शराब देखा है ( Aaj peete sharab dekha hai )     जो नहीं  है  नसीब में  मेरे रात भर उसका ख़्वाब देखा है   रोज दीदार को तरसे जिसकी आज  वो  बेनकाब  देखा  है   इसलिए दिल फ़िदा हुआ उसपर एक  चेहरा   गुलाब  देखा  है   कॉल कैसे वही  तुझे करता फ़ोन …

  • जिंदगी की ही हर ख़ुशी है मां | Poem on maa

    जिंदगी की ही हर ख़ुशी है मां ! ( Zindagi ki har khushi hai maa )     आपसे दूर जब से गया हूँ मैं आ रही याद आपकी है मां   किस तरह आपकी दवा लूं मैं ख़ूब घर में ही मुफ़लिसी है मां   आपकी बात याद है दिल में राह सच की…

  • आज वो इंकलाब लिख दूँगा | Ghazal Aaj Wo Inqalab Likh Dunga

    आज वो इंकलाब लिख दूँगा! ( Aaj wo inqalab likh dunga)     आज वो इंकलाब लिख दूँगा! हर अदू का हिसाब लिख दूँगा   हो महक हर पन्ने उसी की ही ख़ून से वो  क़िताब लिख दूँगा   साथ जो पल उसके  बिताए है हर किस्सा लाज़वाब लिख दूँगा   शक्ल से जो कभी…

  • यहाँ चल रही नफ़रतों की फ़िज़ां है | Ghazal nafraton ki fiza

    यहाँ चल रही नफ़रतों की फ़िज़ां है! ( Yahaan chal rahi nafraton ki fiza hai )     यहाँ  चल रही नफ़रतों की फ़िज़ां है! खिलेंगे नहीं प्यार के गुल यहाँ है   बिदा हो गयी है बहन आज घर से  यहाँ आंखों से ख़ूब आंसू  रवाँ है   सनम छोड़ दे तल्ख़ यूं बात…