Category: शेरो-शायरी
हाल ए दिल | Ghazal Haal -E- Dil
हाल ए दिल भी समझो ( Haal e dil bhi samjho ) 1. क्यो करते हो सवाल, हाल ए दिल भी समझों। जीवन मे बडा बवाल, दर्द ए दिल को समझो। पी कर भांग धतूरा, जी करता है मै सो जाऊँ, मुश्किल में हुंकार, हमारे दिल को समझों। 2. दिल का दरिया भरा,…
यहाँ रोज़ जिसकी बहुत आरजू की | Ghazal aarzoo
यहाँ रोज़ जिसकी बहुत आरजू की ( Yahan roz jiski bahut aarzoo ki ) यहाँ रोज़ जिसकी बहुत आरजू की उसी की बहुत कू ब कू जुस्तजू की उसे फूल देने गया प्यार का था उसी ने मगर साथ में ख़ूब तू की उसे ख़ूब आवाज दी यार हमने नहीं शक्ल…
लोगों में ही ख़ूब नफ़रत है यहाँ | Ghazal nafrat
लोगों में ही ख़ूब नफ़रत है यहाँ ( Logon mein hi khoob nafrat hai yahan ) लोगों में ही ख़ूब नफ़रत है यहाँ कब दिलों में दोस्त उल्फ़त है यहाँ दर्द ग़म ने रोज़ घेरा ख़ूब है एक पल भी तो न राहत है यहाँ हर घड़ी दिल में वफ़ा मेरे…
बे हया फ़िर शबाब क्यों उतरे | Ghazal be haya
बे हया फ़िर शबाब क्यों उतरे ( Be haya phir shabab kyon utre ) बे हया फ़िर शबाब क्यों उतरे शक्ल से ही हिजाब क्यों उतरे जब जुबां है अदब भरी हर पल बेहया पर ज़नाब क्यों उतरे है मना बिन हिजाब के रहना फ़िर बे पर्दा गुलाब क्यों उतरे …
ख्याल हूँ मैं तेरे ख्वाब का | Ghazal Khayal Hoon Main
ख्याल हूँ मैं तेरे ख्वाब का ( khayal hoon main tere khwab ka ) ख्याल हूँ मैं, तेरे ख्वाब का तसव्वुर से निकली तो हकीकत में उलझ न जाऊँ कहीं अशआ’र तेरे , गज़ल हूँ मैं ज़हन से निकली तो पन्नों पर बिखर न जाउँ कहीं नज़र तेरी, मंजर सुहाना हूँ मैं…
मुहब्बत में यहाँ रुस्वा करे कोई | Ghazal ruswa
मुहब्बत में यहाँ रुस्वा करे कोई ! ( Muhabbat mein yahan ruswa kare koi ) मुहब्बत में यहाँ रुस्वा करे कोई ! निगाहों से ऐसे देखा करे कोई असर ऐसा मगर हो दोस्ती का ही यहाँ हो वो मुझे ढूंढ़ा करे कोई नहीं उसके गया हूँ घर मगर मैं फ़िर मुझी…
खूब आंखों में नमी है आजकल| Sad ghazal heart touching
ख़ूब आंखों में नमी है आजकल ( Khoob aankhon mein nami hai aajkal ) हाँ सताती मुफ़लिसी है आजकल ख़ूब आंखों में नमी है आजकल बढ़ गयी बेरोजगारी अब बहुत यार पैसों की कमी है आजकल हो गया इंसान से बढ़कर पैसा यार सस्ती जिंदगी है आजकल कौन उल्फ़त के…
चारागरी हुआ कैसा इलाज़ है | Charagari shayari
चारागरी हुआ कैसा इलाज़ है ( Charagari hua kaisa ilaaz hai ) चारागरी हुआ कैसा इलाज़ है अच्छा नहीं हुआ मेरा मिज़ाज है घर में ही आ गयी रोटी की दिक्क़त है इस बार कब हुआ यारों अनाज़ है मिलनें का कर गया था वादा ए वफ़ा ए यार वो मिला मुझसे…
ख़ुशी का जिंदगी पर कब असर है | Ghazal khushi ka zindagi par kab asar hai
ख़ुशी का जिंदगी पर कब असर है ( Khushi ka zindagi par kab asar hai ) ख़ुशी का जिंदगी पर कब असर है ग़मों में कट रहा मेरा सफ़र है सकूं फ़िर भी मिला मुझको न ग़म से ख़ुदा से की दुआ दिल से मगर है करुं मैं फ़ोन पर ही…
आधी अधूरी सी | Poem aadhi adhuri si
आधी अधूरी सी ( Aadhi adhuri si ) क्यूँ रही मुलाकात आधी अधूरी सी….. कुछ देर वक्त ठहर जाता चुराकर तुम ही को तुम ही से जिंदगी मुकम्म्मल कर लेता ‘इश्क’ सी जो रह गई आधीअधूरी सी क्यूँ रही मुलाकात आधी अधूरी सी….. रात के दामन से कहकशां ले…