Category: शेरो-शायरी
सपने में इक चेहरा आया | Ghazal
सपने में इक चेहरा आया ( Sapne mein ek chehra aya ) सपने में इक चेहरा आया कोई बिछड़ा अपना आया बात करेगा क्या उल्फ़त की करने वो बस शिकवा आया झूलेंगे बच्चें झूले में गांव हमारे मेला आया खुशियों के दिन ढ़लतें जाये ग़म का मुझपे साया आया …
बज़्म में ऐसा ख़ूब हुआ | Bazm Shayari
बज़्म में ऐसा ख़ूब हुआ ( Bazm me aisa khoob hua ) बज़्म में ऐसा ख़ूब हुआ शे’र पे चर्चा ख़ूब हुआ कैसे उससे मिलना हो घर पर पहरा ख़ूब हुआ जिससे दिल का रिश्ता था ग़ैर वो चेहरा ख़ूब हुआ छोड़ दिया अपनों ने साथ दिल यह तन्हा ख़ूब हुआ छाया उस…
रोज हंगामा होता ख़ूब | Ghazal
रोज हंगामा होता ख़ूब ( Roj hungama hota khoob ) रोज हंगामा होता ख़ूब ग़ज़लों पर है चर्चा ख़ूब कैसे मिलनें जाऊं उससे गलियों में है पहरा ख़ूब कल तक तो वो अपना था गैर हुआ वो चेहरा ख़ूब कितना रौब दिखाए वो घर में आया पैसा ख़ूब कोई…
रोज़ भीगी है आंखें | Sad shayari
रोज़ भीगी है आंखें नमी में बहुत ( Roz bheegi hai aankhen nami mein bahut ) रोज़ भीगी है आँखें नमी में बहुत खा गया हूँ दग़ा दोस्ती में बहुत कब न जाने मिलेगा मुझे वो आकर मैं डूबा हूँ जिसकी बेकली में बहुत दुश्मनी छोड़ कर दोस्ती तू मगर ख़त्म हो जाता सब…
नफ़रतें दिल से सभी अपने भुलाकर देखिए | Nafratein shayari
नफ़रतें दिल से सभी अपने भुलाकर देखिए ( Nafratein dil se sabhi apne bhula kar dekhiye ) नफ़रतें दिल से सभी अपने भुलाकर देखिए जिंदगी उल्फ़त लगेगी मुस्कुराकर देखिए प्यार की ख़ुशबू महकेगी जिस्म के हर हिस्से में ए सनम मुझको गले अपने लगाकर देखिए जिंदगी तेरी लगेगी ख़ूबसूरत प्यार भरी…
भूल जा यादें उसी की | Ghazal
भूल जा यादें उसी की ( Bhool ja yaadein usi ki ) भूल जा यादें उसी की आंख भर आंसू नहीं बेवफ़ा को याद मत कर और दिल से तू नहीं तू ही आए हर तरफ़ मुझको नज़र हर चेहरे में कर निगाहों से सनम मुझपे ऐसे जादू नहीं कह रहा…
वो कभी ज़ज्बात दिल के यार समझा नहीं | Jazbaat ghazal
वो कभी ज़ज्बात दिल के यार समझा नहीं ( Wo kabhi jazbaat dil ke yaar samjha nahi ) वो कभी ज़ज्बात दिल के यार समझा नहीं मुझसे देखो वो कभी भी प्यार से मिलता नहीं छोड़कर वो बीच सफ़र में ज़ा चुका है तन्हा ही पूरा उससे ही मुहब्बत का किया फेरा…
लफ्ज़ | Lafz shayari
लफ्ज़ ( Lafz ) लफ्ज़ों को काटना लफ्ज़ों को चबाना लफ्ज़ों को खाना लफ्ज़ों को निगलना फिर कहतें हैं लफ्ज़ सख्त हैं लफ्ज़ कड़वे हैं लफ्ज़ करारे हैं लफ्ज़ चुभते हैं नहीं जानते लफ्ज़ तो बेमोल हैं लफ्ज़ तो बेजोड़ हैं लफ्ज़ तो लासानी है लफ्ज़ तो बेमानी है .…
दर्द इतने मिले जिंदगी से | Dard ghazal
दर्द इतने मिले जिंदगी से ( Dard itne mile zindagi se ) दर्द इतने मिले जिंदगी से दूर हम हो गये ख़ुशी से प्यार से ही गले मिल आकर तू दिल दुखता है तेरी बेरुख़ी से कर दें रब जीस्त मेरी अमीरी जिंदगी है भरी मुफ़लिसी से लौट आ शहर से…
दिल को करे दीवाना | Deewana Ghazal
दिल को करे दीवाना ( Dil ko kare deewana ) दिल को करे दीवाना तेरा हौले से मुस्काना तेरा दिल को भाये तेरी अदाएं देख मुझे शरमाना तेरा उस रस्ते को देखूँ दिनभर जिस रस्ते से आना तेरा लड़कर तुझसे रूठ गया हूँ दिल से रिश्ता माना तेरा याद तुझे…