Category: शेरो-शायरी
ग़र्ज़ के रिश्ते | Garz ke Rishte
ग़र्ज़ के रिश्ते ( Garz ke Rishte ) कुछ एक रिश्ते ऐसे भी होते हैं, जो बिना ग़र्ज़ के बने होते हैं, उनकी शानो-शौकत न देखी जाती, जिनको हमारे दिल ने चुने होते हैं, ग़र्ज़ के रिश्तों में चाहत के निशाँ न मिले, उनमें तो महज़ ग़र्ज़ के धूल भरे होते हैं, ग़र्ज़ की…
रिवाज़ | Poem Riwaz
रिवाज़ ( Riwaz ) जब चाहा अपना बना लिया, जब चाहा दामन छुड़ा लिया, रिश्तों को पामाल करने का, ये रिवाज़ किसने बना दिया, रोज़ ही निकलने लगे एहसासों के जनाजे, क़त्लगारी का, यह कैसा चलन बना दिया, किसी की ख़ुशियाँ न देखी जाती किसी से, हर कोई किसी ने दो गज़ कोना बना लिया,…
अकेलापन | Hindi Poem Akelapan
अकेलापन ( Akelapan ) अकेलेपन का ज़हर जो पी रहे हैं, साँस थमने की आस में जी रहे हैं, कुछ बातें होती हैं जो कहनी होती है, अनकहे से दर्द होते जो बांटनी होती है, कोई हो ऐसा जो उन पलों में थाम ले, मोहब्बत से अपने होने का एहसास दे, उन एहसासों में…
तरबियत | Hindi Poem Tarabiyat
तरबियत ( Tarabiyat ) सौ बार टूटता है सौ बार जोड़ता है, बहुत मेहनत से कुम्हार एक बर्तन बना पाता है, मानो तो इंसान भी गीली मिट्टी होता है, हर ऐब से पाकीज़ा शफ़्फ़ाफ दिली होता है, सबसे पहले माँ की गोदी में जाता पहला स्कुल वो वहाँ पाता है लफ़्ज़ों को समझना नहीं…
संघर्ष जीवन के | Sangharsh Jivan Shayari
संघर्ष जीवन के ( Sangharsh Jivan ke ) बचपन गुज़रा और जवानी ने दस्तक दिया, बस तभी से संघर्ष जीवन का है शुरू हुआ, इस संघर्ष का सिलसिला साँसों संग टूटता, हयात-ए-सफ़र आज़माइशों के नज़र किया, उम्र के साथ-साथ ये संघर्ष भी बढ़ता जाता, ज़िन्दगी की ख़ुशियों को, हरपल मंद किया, स्याह बालों में…
अपने वोट के हथियार से तस्वीर बदल दो
अपने वोट के हथियार से तस्वीर बदल दो सच सुनता नहीं है कोई भी जागीर बदल दो, अपने वोट के हथियार से तस्वीर बदल दो। कब तक सफर करोगे, मंज़िल को ढूंढने में, ये हौंसला तो ठीक है, तदबीर बदल दो। खोखली भी कैसे ना हो इंसाफ़ की बुनियाद, हाकिम ही कह रहा है…
बिल्कुल फींके-फींके हैं ईद के लम्हात भी
बिल्कुल फींके-फींके हैं ईद के लम्हात भी किस हद तक बदल गए हैं, गांव के हालात भी, बिल्कुल फींके-फींके हैं, ईद के लम्हात भी। कल तक जो मेरे चरणों को छूते रहते थे लेकिन आज नहीं करते हैं वो सीधे मुंह से बात भी। सोचे तो कोई जाने भी, कितनी तन्हा लगती है, एक…
मेरी प्यारी माँ | Meri Pyari Maa
मेरी प्यारी माँ ( Meri Pyari Maa ) रोज़ ही धीमे कदमों से मेरे ख़्वाबों में आती है, हौले-हौले सुरो में “लोरी” वह मुझे सुनाती है, दुनिया के झमेलों से निकल “आँखें “बंद करूँ, माँ का तसव्वुर बेसुकूनी को सुकून दे जाती है, ज़िन्दगी की धूप के थपेड़े ‘रूह’ को जलाती है, तब माँ के…
बदलेंगे मौसम | Badlenge Mausam
बदलेंगे मौसम ( Badlenge Mausam ) दरिया के पास प्यासे आने लगे हैं, बदलेगा मौसम बताने लगे हैं। कभी सोचने से न होती है बारिश, मन का वो बादल उड़ाने लगे हैं। आई है धूल ये उसी काफिले से, धड़कन मेरी वो बढ़ाने लगे हैं। जाएँगे लौट वो शहद चाट करके, तड़प मुझको अपनी दिखाने…