Category: शेरो-शायरी
हर लम्हा | Nazm Har Lamha
हर लम्हा ( Har Lamha ) छुपकर क्या देखता है तमाशा मेरी तबाही का आंख मिलाकर लुत्फ उठा किस्सा ए रुसवाई का हर कदम जिंदगी से नसीहतें पा रहा हूं मैं हर लम्हा अनुभवों की दौलतें सजा रहा हूं मैं हर सांस के अहसान की कीमत चुकाई है मैंने हर रिश्ते की अहमियत खुद को…
हबीब | Nazm Habib
हबीब ( Habib ) मुझे लगा था मेरे लिए तुम तो कुछ कहोगे मुझे लगा था तुम तो मुझे जानते ही होगे मुझे लगा था तुम तो समझ पाओगे मेरी व्यथा मुझे लगा था मेरा अस्तित्व तुम्हें तो होगा पता मुझे लगा था मुझे नहीं मिली कभी जो मुझे लगा था कि तुम तो दोगे…
मिर्ज़ा ग़ालिब की टॉप 20 शेर | Top 20 Sher of Mirza Ghalib
मिर्ज़ा ग़ालिब की टॉप 20 शेर ( Top 20 Sher of Mirza Ghalib ) 1.हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को ‘ग़ालिब’ ये ख़याल अच्छा है 2.मोहब्बत में नहीं है फ़र्क़ जीने और मरने का उसी को देख कर जीते हैं जिस काफ़िर पे दम निकले 3.हज़ारों ख़्वाहिशें…
चिखलोली स्टेशन | Nazm Chikhloli Station
चिखलोली स्टेशन ( Chikhloli Station ) चिखलोली स्टेशन बनाने लगे हैं, वर्षो के ख्वाब वो सजाने लगे हैं। अभी तक बना है न ऐसा स्टेशन, मेरे दिल के तार वो गुदगुदाने लगे हैं। शैशव अवस्था में अभी हमने देखा, निगाह-ए -तलब वो बढ़ाने लगे हैं। उतरते हैं बादल इसे चूँमने को, छूकर हँसी वो लुटाने…
वतन की ख़ातिर | Watan ki Khatir
वतन की ख़ातिर ( Watan ki Khatir ) वतन की ख़ातिर लड़ने चले हम मुहब्बत देश से इतनी करे हम मिटे देंगे अदू अपने वतन के अमन के ही रखेंगे सिलसिले हम न सरहद पार दुश्मन कर सके है करेंगे बंद वो हर रास्ते हम कहाँ तू भागकर अब तो जायेंगा मिटा देंगे अदू…
मुस्तकिल अंधेरा | Mustaqil Andhera
मुस्तकिल अंधेरा ( Mustaqil Andhera ) धीरे-धीरे अंधेरा गहराता जा रहा है, हर शय को यह धुंधलाता जा रहा है, दुनिया की हर रंगत स्याह हो रही है, ये काजल आँखों में समाता जा रहा है, बाहर का अंधेरा अंतर्मन पे भी छा रहा है, जीने की हरआरज़ू को यह अब खा रहा है, सोचता…
हसद | ईर्ष्या
हसद ( Hasad ) हज़ारों रत्न उसके तकिये के नीचे हैं, मगर मेरे इक पत्थर पर वो मरता है, उसकी इक नज़र तरसते हैं रत्न उसके, उन्हें भूलके मेरे अदना पत्थर पे निगाह रखता है, यही आज इस दुनिया का चलन हो गया, जलन/हसद से भरा सारा ज़हन हो गया, दुनिया की सारी नेमतें…
ऐ मेरे गाँव | Aye Mere Gaon
ऐ मेरे गाँव ( Aye Mere Gaon ) ऐ मेरे गाँव की रौशन गलियाँ तुम यूँही मेरी राहें तकना, हाँ हम लौटके आएंगे ज़रूर, तुम आँखें बिछाए रहना, चाहे किसी भी जहान चले जाएं तुमको भूल न पाएंगे, तेरा इंतज़ार भी ख़त्म होगा, यह उम्मीद लगाए रहना, सुबह तुझे अलविदा कह निकलें, शामें तेरे…
आँखों की शरारत | Nazm Aankhon ki Shararat
आँखों की शरारत ( Aankhon ki Shararat ) तूने अभी तक मेरी मोहब्बत नहीं देखी, मेरे इन आँखों की शरारत नहीं देखी। नित्य आती हो ख्वाबों में तू देर रात मेरे, मेरी इन आँखों की तूने रंगत नहीं देखी। मैंने कितनी रातें गुजारी तेरी तन्हाई में, मगर तूने मेरी वो मुसीबत नहीं देखी। पहले…