Category: शेरो-शायरी

  • मनाने की बहुत कोशिश हो रही है | Ghazal Manane ki Koshish

    मनाने की बहुत कोशिश हो रही है ( Manane ki bahut koshish ho rahi hai )     मनाने की बहुत कोशिश हो रही है बड़ी  उससे  गुज़ारिश  हो रही है   मुहब्बत  के  खिलेंगे  फ़ूल कैसे यहां नफ़रत की आतिश हो रही है   तवारिश एक मुझसे है उसे तो औरो की तो सिफ़ारिश…

  • किन सोचो में गुम हो फ़ैसल | Ghazal

    किन सोचो में गुम हो फ़ैसल ( Kin sochon mein gum ho faisal )     किन सोचो में गुम हो फ़ैसल! इतने क्यूँ गुमसुम हो फ़ैसल   औरो की  गलती भी क्या  है गुनहगार तो तुम हो फ़ैसल   झूम उठे जो मन का सावन बारिश वो रिमझिम हो फ़ैसल   बाहर निकलें मेरा…

  • पतझड़ | Patjhad

    पतझड़ ( Patjhad )   दूसरों को पतझड़ देकर, लोग ख़्वाब देखते बाहर का; ख़ुद की ख़बर नहीं, इम्तिहान लेते हमारे सच्चे प्यार का ।   होंठों पर सजी झूठी मुस्कान अब रह गई किस काम की; जो दिल से ही निकाल दिया तुमने दर्द अपने दिलदार का ।   मिठास वो क्या जाने,जो चुरा…

  • प्यार का होगा इशारा देखते है | Ghazal Pyar ka Ishara

    प्यार का होगा इशारा देखते है ( Pyaar ka hoga ishara dekhte hai )     प्यार का होगा इशारा देखते है ! इसलिए रस्ता तुम्हारा देखते है   डूबा हूँ गहराई में उसकी इतना  प्यार का  हम तो  किनारा देखते है   छोड़ आये बेवफ़ा का शहर कल अब  कहां होगा गुजारा देखते है…

  • महका है गुल ज़नाब सावन का | Poem in Hindi on sawan

    महका है गुल ज़नाब सावन का ( Mahaka hai gul janab sawan ka )     महका है गुल ज़नाब सावन का ! देता  ख़ुशबू  गुलाब  सावन  का   कैसे  दीदार  हो  हंसी का फ़िर फ़ूलों पे जब  हिज़ाब सावन का   प्यार  हो  जैसे  बरसें  है  ऐसे की  नहीं  है  ज़वाब सावन का  …

  • समझें गर जो दोस्ती दुश्मनी नहीं होती

    समझें गर जो दोस्ती दुश्मनी नहीं होती ( Samajhen gar jo dosti dushmani nahi hoti )   समझें गर जो दोस्ती दुश्मनी नहीं होती! मुहब्बत  के ही बिना जिंदगी नहीं होती   करे  चुगली  हर  घड़ी जो सदा आपकी  ही उसको जीवन में  कभी फ़िर ख़ुशी नहीं होती   ख़िलाफ़ वो गर न होता अपना…

  • रोज़ है इंतजार सावन का | Sawan par Shayari

    रोज़ है इंतजार सावन का ( Roz hai intezar sawan ka )   रोज़   है   इंतजार   सावन  का आकर बरसें अब प्यार सावन का   ऐसा बूंदों में  ही बजे सरगम  दिल  करे बेक़रार सावन का   भीगा जाये तन प्यार में इसके हो रहा दिल पे वार सावन का   फ़ूलों की ख़ुशबू सांसों…

  • रोज़ रब से मैं यारों ख़ुशी मांगता हूँ | Ghazal

    रोज़ रब से मैं यारों ख़ुशी मांगता हूँ ( Roz rab se main yaron khushi mangata hoon )     रोज़ रब से मैं यारों ख़ुशी मांगता हूँ! दूर हो दुख अच्छी जिंदगी मांगता हूँ   उम्रभर  साथ  मेरा  निभाये वफ़ा एक ऐसी  रब से दोस्ती मांगता हूँ   प्यार हो वावफ़ा से भरी हो…

  • रात भर हम करवटें बदलते है | Ghazal Raat bhar

    रात भर हम करवटें बदलते है ( Raat bhar hum karvaten badalte hai )   रात भर हम करवट बदलते है ! याद में उसकी रोज़ जलते है   जिंदगी ग़म भरी है ये  इतनी हाँ ख़ुशी के लिये तड़फतें है   याद आती है साथ गुजरे दिन जब गली से उसकी निकलते है  …

  • जिंदगी में हिज्र की ऐसी रवानी हो गयी | Ghazal

    जिंदगी में हिज्र की ऐसी रवानी हो गयी ( Zindagi mein hijr ki aisi rawani ho gayi )     जिंदगी  में  हिज्र  की  ऐसी  रवानी  हो   गयी अब लबों की ही मुहब्बत इक कहानी हो गयी   अब ख़िलाफ़ उसके सभी को होना होगा हाँ मगर यार उसकी अब बहुत देखो मनमानी  हो गयी…