जय हो बिहारी जय हो बिहार

जय हो बिहारी जय हो बिहार

जय हो बिहारी जय हो बिहार

दाल-भात चोखा संगे आचार
बर्गर पिज्जा के का औकात
नुडल चाउमिन के बड़का बाप
लिट्टी चोखा पे घी तब छाछ
देसी जोगाड अउर देसी अंदाज
जय हो बिहारी जय हो बिहार

धोती कुर्ता अउर गमछा पे नाज़
भुजा ,चिवड़ा, मिठठा, मरचा,अचार
लाई, तिलुआ, अउर बन्हाला केसार
पुआ-पुडी अउर ठेकुआ प्रसाद
ठेठ विचार अउर सिधा व्यवहार
जय हो बिहारी जय हो बिहार

नाता रिश्ता अउर निभावेला साथ
क‌ए गो भाषा अउर क‌ए गो जात
राम-राम कहले से होला शुरूआत
एके अनोखा आपन इतिहास
अइसन माटी के हम करी प्रणाम
जय हो बिहारी जय हो बिहार

रचनाकार – उदय शंकर “प्रसाद”
[ पुव सहायक प्रोफेसर (फ्रेंच विभाग), तमिलनाडु ]
एवं वर्तमान अधिवक्ता ( सिविल कोर्ट , बगहा)
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