जीवन एक संगीत | Kavita Jeevan ek Sangeet

जीवन एक संगीत

( Jeevan ek Sangeet )

प्रकृति की कण-कण में है संगीत।
जीवन के हर क्षण क्षण में है संगीत।

वर्षा की गिरती बूंदों में संगीत।
बादलों की गर्जनों में संगीत।

सर सर बहती हवाओं में संगीत।
साज और सुरों के बिना सुना है संसार।

मधुर स्वर बहती बांसुरी और सितार में संगीत।
वीणा, वाद्य ,घुंघरूओ की झंकार में संगीत।

पर्वत गाते ,धरती गाती,लहलहाती फसले गाती।
कल कल बहती नदिया गाती।

कोयल की मधुर तान, पक्षियों की चहचहाहट में संगीत।
झर-झर बहते झरने में संगीत।

नब्जों में बहते रक्त स्पंदन में संगीत।
धक-धक करती धड़कनों में संगीत।

सावन की फुहारों में फिजाओं में बहारों में संगीत।
खिल खिलाती मुस्कान हर चेहरे की रौनक है संगीत।

Lata Sen

लता सेन

इंदौर ( मध्य प्रदेश )

यह भी पढ़ें :-

एक स्त्री क्या चाहती है

Similar Posts

  • दशहरा | Dussehra

    दशहरा! ( Dussehra )    दशहरा सदा यूँ मनाते रहेंगे, कागज का रावण जलाते रहेंगे। फूहड़ विचारों को कहाँ छोड़ पाए, रस्मों-रिवाज हम दिखाते रहेंगे। चेहरा मेरा एक दिखता जगत को, बाकी वो चेहरा छुपाते रहेंगे। भ्रष्ट रहनुमाओं से क्या मुक्ति मिलेगी, नहीं तो बजट वो चबाते रहेंगे। करते हैं पाप, तन धोते हैं गंगा,…

  • संत गुरु घासीदास | Sant Guru Ghasidas

    संत गुरु घासीदास छोटे-बड़े का भेद मिटाकर,सबको एक समान बनाए।संत गुरु घासीदास का संदेश,जो जग को राह दिखाए।दूसरे का धन पत्थर समझो,परस्त्री को माता मानो।सत्य की डगर पर चलकर,जीवन को उजियारा जानो। जुआ-शराब के मोह को छोड़ो,ये दुख का कारण है।पाप की राह जो चुने,वो केवल संकट का दर्पण है।संत की वाणी अपनाकर, सत्य की…

  • सिंदूरी सूरज | Poem Sindoori Suraj

    सिंदूरी सूरज ( Sindoori suraj )    सिंदूरी सूरज विशाल तेजी से अस्त हुआ धीरे-धीरे सांझ को बुलावा दे चला सरसराती पवन ने बालियों को यू छुआ पंछियों के कलरव ने अंबर से धरती तक चारों दिशाओं को गुंजायमान किया घरौंदो को लौट चलो कि अब अंधेरा हुआ गायों के गले की बजती हुई घंटियां…

  • मिशन चंद्रयान | Mission Chandrayaan

    मिशन चंद्रयान ( Mission Chandrayaan )    शुरू किया अभियान जो चौदह जुलाई दो हजार तेईस  को भेजा जो हमने चंद्रयान जहां मैं हो रहा सम्मान दिल प्रफुल्लित  हो गया शंखनाद यह हो गया तेईस सितंबर दो हजार तेईस स्वर्णक्षर मे अंकित हो गया जय घोष भारत का हुआ जमीन से आसमान तक चंद्रमा के…

  • सूरज है आदर्श हमारा | Suraj par kavita

    सूरज है आदर्श हमारा ( Suraj hai adarsh hamara : Poem on sun in Hindi )   सूरज है आदर्श हमारा, हर घर में उजाला भर देता। रोशन करता है कण-कण को, तम की छाया हर लेता।।   सूरज की उजली भोर उजाला, भू पर जब फैलाती है। पंछी करते शोर चमन की, कली कली…

  • महॅंगी हुई तरकारी

    महॅंगी हुई तरकारी आज बेहद-महॅंगी हो गई है देशों में ये तरकारी,क्या बनाएं, क्या खाएं सोच रही घरों की नारी‌।छू रहा दाम आसमान इन तरकारियों का सारी,बढ़ रही है मुसीबतें आम आदमी और हमारी।। कभी सोचूं ये शिकायत करुं मैं किससे तुम्हारी,आलू-प्याज़ ख़रीदना भी आज हो रहा दुश्वारी।ग़रीब अमीर जिसे रोज़ खाते आज़ दे रहें…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *