समृद्धि वाली गुल्लव्वा
समृद्धि वाली गुल्लव्वा* ओ शांत है ओ सौम्य हैओ सुन्दर है l धान का श्रृंगाहैफिर भी सावन में ही आती है lबताओ ओ कौन है ? ओ धन है l ओ संपत्ति है lओ ऐश्वर्य का आभास है lफिर भी सावन में आती है lबताओ ओ कौन है ? ओ सुख भी देती है lओ…
समृद्धि वाली गुल्लव्वा* ओ शांत है ओ सौम्य हैओ सुन्दर है l धान का श्रृंगाहैफिर भी सावन में ही आती है lबताओ ओ कौन है ? ओ धन है l ओ संपत्ति है lओ ऐश्वर्य का आभास है lफिर भी सावन में आती है lबताओ ओ कौन है ? ओ सुख भी देती है lओ…
पर्यावरण ऐसा विषय जिसका संबंध प्रकृति प्राणी प्राण परमेश्वर से है!प्रकृति के प्रमुख दो तत्वों में प्रकृति प्राणी है और प्रकृति प्राणी में जो चैतन्य सत्ता है वहीं परमेश्वर का सत्यार्थ है! स्पष्ट है कि प्रकृति प्राणी इनकी चैतन्य सत्ता परमेश्वर के मध्य सामंजस्य होना ही इनके कल्याण उद्भव उत्कर्ष एवं उत्थान उद्धार के लिए…
1- शिक्षा का महत्व शिक्षा और समाज किसी भी राष्ट्र और उसमे निवास करने वाले समाज की भौतिकता और नैतिकता का निर्धारण उस राष्ट्र के शिक्षा स्तर पर ही निर्धारित किया जा सकता है ।। विकास और सामजिक उद्धान दोनों का मूल मानव संसाधन है जब तक संसाधन श्रोत पूर्णतः परिस्कृत परिमार्जित ना हो ना…
बज्म-ए-सुखन पीपलसाना की जानिब से 12/7/2025 को एक आल इंडिया नातिया मुशायरे का आयोजन हुसैनी चौक पीपलसाना में किया गया जिस में हिन्दुस्तान के मशहूर-ओ-माअरूफ शोअरा-ए-इकराम ने जोश-ओ-खरोश के साथ हिस्सा लिया जिसकी सिदारत बिस्मिल भोजपुरी ने की और निजामत के फराइज सरफराज हुसैन फराज ने बा-खूबी अन्जाम दिए। शम्अ रोशन पूर्व जेल विजिटर इदरीस…
जैसे ही यश पब्लिक स्कूल की छुट्टी हुई, वैसे ही कक्षा 10 में पढ़ने वाली प्रिया और रजनी घर जाने के लिए (अपनी बस में ना बैठकर) दूसरी बस में बैठ गई। गलत बस में बैठा देखकर उस बस से जाने वाली प्रिंसिपल मैडम सविता जी ने उन बच्चों से इस बस में बैठने का…
होनी एव संयोग एक दूसरे के सहोदर है जो प्रारब्ध कि प्रेरणा है लेकिन इन तीनो को कर्म ज्ञान और सत्य से परिवर्तित किया जा सकता है। प्रस्तुत कहानी में सुभद्रा से अजुर्न को किसी संतान का योग नही था मामा भगवान श्री कृष्ण स्वंय इंद्र का स्वरूप 16 वर्षो के लिए मांग कर लाएं…
“भावना, मेरी माँ की तबियत बिगड़ गई है। अचानक मुझे अपने पति के साथ मायके जाना पड़ रहा है। मेरा बेटा आशीष (कक्षा 12 का विद्यार्थी) इस समय स्कूल में है। शाम को ट्यूशन पढ़कर वह घर वापिस आता है। इस वर्ष उसके बोर्ड एग्जाम है। इसलिए वह हमारे साथ नहीं जा रहा है। क्या…
मुलताई/बैतूल-नगर के वरिष्ठ साहित्यकार स्व. नरेन्द्र पाल सिंह पुण्डीर की साहित्यकार पुत्री डॉ. पल्लवी सिंह ‘अनुमेहा’ को नव उदय पब्लिकेशन, ग्वालियर, मध्यप्रदेश द्वारा राष्ट्रकवि ‘श्री माखनलाल चतुर्वेदी नव उदय साहित्य, गायन व नृत्यकला सम्मान-2025’ से सम्मानित किया गया है। इस सम्मान को विश्व भर में साहित्य, गायन व नृत्यकला के क्षेत्र में कर रहे उल्लेखनीय…
सावन का महीना भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह एक गहन आध्यात्मिक अनुभव का भी प्रतीक है। इस मास में शिव और शक्ति — दोनों की उपासना का विशेष महत्व है। भगवान शिव को जहां सृष्टि का संहारक और संरक्षणकर्ता माना जाता है, वहीं शक्ति, अर्थात…
आस्था है ब्रह्मांड का अस्तित्व है धर्म जन्म के जीवन की दिशा दृष्टिकोण निर्धारण करने का मार्ग है या जन्म जीवन के सत्यार्थ बोध का सत्य है। धर्म ईश्वरीय सत्य का विज्ञान है या आचरण एव संस्कार निर्माण का पथ सिद्धांत है। सर्व प्रथम यह जानना आवश्यक है कि धर्म वास्तव में है क्या है…