• मदद बनी मुसीबत

    इंटर कॉलेज के प्रधानाध्यापक राकेश सर ने प्रार्थना सभा में ही कक्षा 11 के छात्र सोहन को खड़ा करके प्रश्न किया- “बेटा सोहन, कल मैंनें तुम्हें अतरासी चौराहे पर बाइक से जाते हुए देखा था। तुम्हारे पीछे एक व्यक्ति बैठा हुआ था। ऐसा लग रहा था कि उसने शराब पी रखी थी। वह क़ई बार…

  • “उम्मीद”

    सर्दियों की एक धुंधभरी सुबह थी। कोहरे में लिपटा स्टेशन ठंड से सिहर रहा था। प्लेटफ़ॉर्म नंबर तीन पर एक वृद्धा बैठी थी—बिलकुल चुप, जैसे किसी ने जीवन की आवाज़ छीन ली हो। सिर पर जर्जर ऊनी चादर, गोद में पुराना टिफिन डिब्बा, और आँखों में एक जमी हुई प्रतीक्षा। पास ही खड़े एक युवक…

  • मनोज की शादी

    राम अवतार जी एक कॉलेज में चपरासी के पद पर कार्यरत थे। वे प्रातः 4 बजे उठकर दैनिक क्रियाकलापों से निवृत होकर, नहा धोकर, साइकिल से 2 किलोमीटर दूर नियमित महादेव जी के मंदिर पर जल चढ़ाने जाते थे। भगवान की पूजा-अर्चना करके माथे पर एक बड़ा सा पीला-लाल रंग का टीका लगाते थे और…

  • सकारात्मक सोच

    सर्द अंधेरी रात थी। रात के दस बज रहे थे। सुनसान सड़क पर…घर पहुंचने की जल्दी में नितिन तेजी से बाइक चलाकर सरपट चला जा रहा था। रास्ते में एक पुल के ऊपर चढ़ते समय अचानक उसकी बाइक सड़क पड़े हुए एक बड़े से पत्थर से टकरा गयी। नितिन अपना संतुलन खो बैठा और बाइक…

  • प्रेत बाधा एव वास्तु

    भूत प्रेत अपार शक्ति सम्पन्न एव इनकी बिभिन्न प्रकार की जातियां होती है भूत प्रेत पिचास राक्षस यम साकिनी डाकिनी चुड़ैल गंधर्व आदि। यदि महादशा में चंद की अंतर्दशा और चंद्र दसापति राहु से भाव 6 8 या 12 में बलहीन हो तो व्यक्ति पिचास दोष से ग्रस्त होता है वस्तु शास्त्र के अनुसार पूर्वा…

  • सुंदर लाभकारी सुंदरकांड

    यह बताते हुए बड़ा ही हर्ष हो रहा है कि हिंदी के मार्तण्ड मुर्धन विद्वान् कवि कुल कमल दिवाकर बाबा तुलसीदास जी द्वारा रचित श्री राम चरित मानस का हृदय कहा जाने वाला मानस का वह कांड जिसमे हनुमान जी का माता सीता से मिलना और लंका दहन का उल्लेख है । ऐसे सुंदर से…

  • कदमों की आहट और भविष्य

    ज्योतिष विज्ञान की सच्चाई प्राणियों की अनगिनत प्रजातियों में सिर्फ मनुष्य ही एक मात्र ऐसा प्राणि है जिसमें सेंस मतलब सोचने, समझने अनुभव अनुभूति कि क्षमता है जो उसमें संवेदना कि जागृति करती है जिसके कारण वह अन्वेषी एव जगरूक प्राणि है एवं उसमें किसी भी विषय वस्तु को जानने खोजने की जिज्ञासा सदैव जीवन्त…

  • भारत एवं मीडिया

    भारत मे मीडिया विकास को मुख्यतः तीन चरणों मे बिभक्त किया जा सकता है 1- पन्द्रहवी सोलहवीं सदी में ईसाई मिशनरियों का धार्मिक साहित्य प्रकाशन करने के लिए प्रिटिंग प्रेस कि स्थापना । 2-भारत का पहला अखबार बंगाल गजट 1780 में जेम्स आँगस्टन हिकी ने निकालना। 3-नब्बे के दशक में भूमंडलीकरण के आगमन के साथ…

  • अरमान (सच्ची घटना पर आधारित)

    बड़े अरमानों के साथ संध्या शादी के बाद ससुराल आई थी। उसके हाथों की मेहंदी का रंग उतरा भी ना था कि सासू मां ने रसोई घर की जिम्मेदारी उसके कंधों पर डालते हुए कहा- “अब यह घर तेरा हुआ। थक गई मैं, इस घर को संभालते हुए। अब इसको संभालने की जिम्मेदारी तेरी है।”…

  • उद्देश्य, लक्ष्य, ध्येय

    उद्देश्य, लक्ष्य ,ध्येय मानव जीवन के लिए बहुत ही महत्त्वपूर्ण है जिस मनुष्य के जीवन मे कोई उद्देश्य नही वह मनुष्य दिशा दृष्टि विहीन होता है। जीवन का बिना उद्देश्य, राष्ट्र समाज मे कोई महत्व नही रहता उद्देश्य मनुष्य के दृष्टि, दृष्टिकोण एव स्वंय के स्वतंत्र विचार धारा के अस्तित्व पर निर्धारित होती है। उद्देश्य…