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TheSahitya – द साहित्य
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TheSahitya – द साहित्य
  • सरफ़राज़ हुसैन फ़राज़
    ग़ज़ल

    सरफ़राज़ हुसैन फ़राज़ की ग़ज़लें -2 | Poetry of Sarfraz Husain Faraz

    ByAdmin July 21, 2025September 2, 2025

    तमाशा यह भी जहां को दिखा दिया मैंने तमाशा यह भी जहां को दिखा दिया मैंने।ख़िज़ां को फ़स्ले-बहारां बना दिया मैंने। किताबे-दिल से भी उसको हटा दिया मैंने।के जिसको अपनी नज़र से गिरा दिया मैंने। कहा था जो भी वो कर के दिखा दिया मैंने।वफ़ा से तेरी जफ़ा को हरा दिया मैंने। परिन्दा प्यार का…

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  • ज्योतिष एव स्वप्न विवेचना
    आलेख

    ज्योतिष एव स्वप्न विवेचना

    ByAdmin July 21, 2025July 21, 2025

    मनुष्य के जन्म समय काल मे ग्रह नक्षत्रों की जो स्थितियां रहती है ज्योतिष विज्ञान उसके आधर पर उसके जन्म जीवन का आंकलन मूल्यांकन करता है। जो यदि सही ज्योतिषीय गणीतिय गणना पर की जाय तो अक्षरशः सही होता है जिसमें मनुष्य अपने श्रेष्ठ कर्म से जीवन मे सार्थकता की सफलता को बढ़ा सकता है…

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  • हाँ! मैं आसमान से बात करती हूँ
    कविताएँ

    हाँ! मैं आसमान से बात करती हूँ

    ByAdmin July 21, 2025July 21, 2025

    हाँ! मैं आसमान से बात करती हूँ मैं वो लड़की हूँ —जो अक्सर रात की चुप्पियों मेंखुद से सवाल करती है:क्या मेरा होना बस एक समझौता है?या कोई पुकार है —जो इस सदी के शोर में गुम हो गई? मेरी हथेलियाँ खाली नहीं हैं,इन पर बिखरे हैं अधूरे ख्वाब,जो रोज़ सिले जाते हैंघर की चौखटों…

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  • अख़बारों में साहित्य की हत्या और शब्दकर्मियों की बेइज़्ज़ती
    आलेख

    अख़बारों में साहित्य की हत्या और शब्दकर्मियों की बेइज़्ज़ती

    ByAdmin July 20, 2025July 20, 2025

    आज के अधिकांश अख़बारों से साहित्यिक पन्ने या तो पूरी तरह गायब हो चुके हैं या केवल खानापूरी तक सीमित हैं। लेखकों को छापकर उन्हें ‘कृपा’ का अनुभव कराया जाता है, परंतु सम्मानजनक मानदेय नहीं दिया जाता। अब कुछ मालिकान पुरस्कार योजनाएं बनाकर लेखक-सम्मान का दिखावा कर रहे हैं, जबकि बुनियादी ज़रूरत है — श्रम…

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  • जीवन मे सफलता के सिद्धांत प्रतिस्पर्धा एव धैर्य
    आलेख

    जीवन मे सफलता के सिद्धांत प्रतिस्पर्धा एव धैर्य

    ByAdmin July 20, 2025July 20, 2025

    प्रतिस्पर्धा ,चुनौती जिन्दंगी के जंग का हिस्सा है जिंदगी जंग है जिंदगी मीत है, जिंदगी खुद की है ,जिंदगी खुद की दुश्मन भी है । तात्पर्य स्पष्ठ है जिंदगी जीने के अंदाज़ पर निर्भर करती है।चाहे आप जो भी कार्य करते है वहां प्रतिस्पर्धा चुनौती से अवसर एव उपलब्धि दोनों उपलब्ध कराती है। कभी सामान…

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  • परमात्मा और परमार्थ
    आलेख

    परमात्मा और परमार्थ

    ByAdmin July 19, 2025July 19, 2025

    परमात्मा वास्तव में आत्मा कि परम यात्रा का ही सत्यार्थ है या कुछ अन्य आत्मा किवास्तविकता शोध का विषय है या नही अपने आप मे बड़ा प्रश्न है ? आत्मा परमात्मा दोनों के शाब्दिक विवेचना में सिर्फ परम का ही प्रत्यंतर है आत्मा कि परम स्थिति ही परमात्मा कि प्रमाणिकता है ? परम स्थिति क्या…

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  • अथ कुम्भ मोक्ष मार्ग सत्यार्थ
    आलेख

    अथ कुम्भ मोक्ष मार्ग सत्यार्थ

    ByAdmin July 17, 2025July 17, 2025

    (अ) पौराणिक कुम्भ कथा- सनातन की सिंद्धान्तों के सुंदर लोककल्याण एव लोकवोत्सव कि परम्पराओ में कुम्भ एक महत्वपूर्ण पड़ाव एव आयोजन है जो नियमित रूप से प्रत्येक चार वर्षों पर के अंतराल में हरिद्वार ,प्रयाग ,उज्जैन एव नासिक में आयोजित होता है। आर्थत बारह वर्षों के अंतराल में कुम्भ स्नान का आयोजन भारत की पवित्र…

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  • कागा की कलम
    कविताएँ

    विचार-धारा

    ByAdmin July 17, 2025September 1, 2025

    सच्चाई कौन दोस्त कौन दुश्मन फ़र्क़ नहीं पड़ता,कौन अपना कौन पराया फ़र्क़ नहीं पड़ता। हम चले मंज़िल की ओर एकदम अकेले,कौन रहबर कौन रहज़न फ़र्क़ नहीं पड़ता। सोच में सपने संजोये भावी भविष्य के,कौन नाकाम कौन कामयाब फ़र्क़ नहीं पड़ता। नक्कमे करते नुक्ताचीनी हर किसी काम में,कौन नेक कौन नादान फ़र्क नहीं पड़ता। करते जो…

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  • शादी का चौथा फेरा
    कहानियां

    शादी का चौथा फेरा

    ByAdmin July 17, 2025July 17, 2025

    सुहागरात की अगली सुबह प्रातः 6:00 बजे जैसे ही नई नवेली दुल्हन शीतल की आंख खुली, तो उसने अपने पति वीर सिंह को अपने करीब ना पाया। कुछ देर तक वह अपने पति का इंतजार करती रही। उसे लगा कि शायद मेरे पति दैनिक क्रियाकलापों से निवृत होकर बाहर घूमने गए हैं, कुछ देर में…

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  • दिमागी रेबीज यानी इंसान से दूरी, कुत्ते से करीबी
    आलेख

    दिमागी रेबीज यानी इंसान से दूरी, कुत्ते से करीबी

    ByAdmin July 17, 2025July 17, 2025

    हम एक ऐसे समय में जी रहे हैं जहाँ लोग अपनी मां को वृद्धाश्रम छोड़ आते हैं, लेकिन कुत्तों के लिए मखमली बिस्तर खरीदते हैं। जहाँ बच्चे की फीस चुकाना कठिन होता है, पर पालतू जानवर के लिए सालगिरह पार्टी देना ‘प्यारा’ माना जाता है। यह वह युग है जहाँ संवेदना की दिशा बदली है,…

    Read More दिमागी रेबीज यानी इंसान से दूरी, कुत्ते से करीबीContinue

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