Tag: कविता
अंधेरा चाहे जितनी कोशिशें करता रहेगा | Diwali ki kavita in Hindi
अंधेरा चाहे जितनी कोशिशें करता रहेगा ( Andhera chahe jitani koshish karta rahega ) अंधेरा चाहे जितनी कोशिशें करता रहेगा। ये मिट्टी का दिया है उम्र भर जलता रहेगा। शहर के पटाखे सब लूट लेगें फिर दिवाली, गाँव का बम बेचारा हाथ ही मलता रहेगा। तूँ पत्थर है तो हम भी…
नयकी सरकार कुछ ना कुछ करी!
नयकी सरकार कुछ ना कुछ करी! ******** खांटी बा बिहारी जल्दी हार न मानी कइले बा पूरी तैयारी विपक्ष में बैठी लेकिन सांस चैन के ना लीही सरकार के नाक में दम क# दीही विपक्ष बा मजबूत! एने ओने करे के# ना दीही छूट ना होखे दीही जनता के कमाई के लूट! मजबूरी हो जाई…
जगमग जगमग दीप जले है | Diwali ki kavita
जगमग जगमग दीप जले है ( Jagmag jagmag deep jale ) जगमग जगमग दीप जले है। अँधियारे सब दूर टले है।। घर घर में छाये खुशहाली । दिल में अरमां आज पले है।। आज मिटा दो दिल से सारे। जितने शिकवे और गिले है।। इस दिल में जो वैर न…
नीतीशे कुमार फिर से एकबार
नीतीशे कुमार फिर से एकबार ******** दस लाख नौकरी पर भारी पड़ा उन्नीस लाख रोजगार का वादा बिहार ने चुना संख्या ज्यादा पाले महत्तम रोजगार का इरादा! बधाई हो सुशासन बाबू जीत गए चुनाव बिहार का। कड़े मुकाबले में हराया जीत का चौका लगाया विपक्ष ने भी था जोर लगाया सफल नहीं हो पाया। लेकिन…
बैठ जाता हूँ
बैठ जाता हूँ कितना इंतज़ार करता हूँ मैं हर सुबह और शाम इसी आस में कि अभी उसका फ़ोन आएगा और पूछेगी मुझसे मेरा हाल…… आता है जब फ़ोन चार पाँच दिनों के बाद बस दो मिनट भी नहीं कर पाती बात और बिन कहे ही काट देती है कॉल मैं बोलता…
अन्नदाता की पुकार
अन्नदाता की पुकार ******** हम अन्नदाता है साहब चलते हैं सदा सत्य की राह पर करते है कड़ी मेहनत चाहे कड़ी धूप य हो बारिश घनघोर कोहरा या हो कड़ाके की सर्दी दिन हो या काली रात खेतों में लगाता हूं रात भर पानी तब कहीं जाकर उगाता हूं अन्न सोता नहीं चैन की नींद…
हमसफ़र
हमसफ़र हमसफ़र वही हमराज वही, उनका अलग अंदाज सही। सुख-दुख में जो रहें साथ , परिवार पर तनिक न आए आंच। बल कई गुणा बढ़ जाए विपत्ति आए टिक न पाए न अंधकार हमें डराए जीवन सरलता से कट जाए सतरंगी बहार सदा रछाए जब शुभ आगमन इनका हो जाए असूल की हैं पक्की…
याद आता है
याद आता है सर्दी की गुनगुनी धूप में वो तेरा पार्क में बैठ तेरा अपनी आँखों से मुझे अनिमेष तकना और मेरा हाथ थामना याद आता है…… तुम्हारा मेरी हथेलियों में अपना हाथ थमा देना अपनी उंगलियों को मेरी उंगलियों में उलझा देना और फ़िर धीरे धीरे अपनी उंगलियों से मेरी हथेली पर…
करवा चौथ | Hindi poem On karwa chauth
करवा चौथ ( Hindi poem On karwa chauth ) चाँद का कर लूं सनम दीदार मैं प्यार से जो बंधा करवा चौथ है उसकी चूड़ी उसकी देखो बिंदिया मुस्कुराती सूरत करवा चौथ है हो गया दीदार अपनें चाँद का प्यार का आया वो करवा चौथ है सज गयी है चाँद की …
पढ़ें लिखे मुख्यमंत्री का फायदा
पढ़ें लिखे मुख्यमंत्री का फायदा ******** जनता का देश का है फायदा ही फायदा जो पुल सड़क निर्माण में करोड़ों है बचाया वादा जो किया निभाया आम आदमी में एक उम्मीद जगाया बेटा बन बुजुर्गो का रखा ख्याल पहुंचाया घर राशन हर हाल जो कहे सो करे! जनता के लिए सड़क पर भी आ लड़े…