करवा चौथ

करवा चौथ | Hindi poem On karwa chauth

करवा चौथ

( Hindi poem On karwa chauth )

 

चाँद का कर लूं सनम दीदार मैं

प्यार से जो बंधा करवा चौथ है

 

उसकी चूड़ी उसकी देखो बिंदिया

 मुस्कुराती  सूरत करवा चौथ है

 

हो गया दीदार अपनें चाँद का

प्यार का आया वो करवा चौथ है

 

सज गयी है चाँद की  वो चांदनी

हाथों में ही चूड़ी करवा चौथ है

 

चाँद उल्फ़त की मुझपे आज तो

कर गया बरसात करवा चौथ है

 

चांदनी छायी  चेहरे पे चाँद की

माथे पे ही कुमकुम करवा चौथ है

 

ख़ूबसूरत  है चाँद आज़म वो मेरा

है सजी वो दुल्हन करवा चौथ है

 

 

✏

शायर: आज़म नैय्यर

(सहारनपुर )

यह भी पढ़ें : 

दोस्त वीरान ये जिंदगी है अभी

 

Similar Posts

  • देखते है | Dekhte Hain

    ( ऐसे तो कितने ही सारे अतुल सुभाष है जिन्हें कोई जानते नहीं है, उनमें से कुछ दुनिया में आज भी मौजूद है कुछ इस दुनिया से जा चुके हैं!! ) देखते है देखते है अब कौन हो हल्ला करेगा।देखते है अब कौन कैंडल जलाएगा। निर्दोष पुरुष बेमौत मरा है यह देखो,कौन जो खिलाफ आवाज़…

  • अमेरिका में यह क्या हो गया?

    अमेरिका में यह क्या हो गया? *********   एक झटके में खो दिया प्रतिष्ठा पुरानी, याद करो सन् 1489 वाली लोकतंत्र की कहानी। जार्ज वाशिंगटन ने रखी थी जिसकी नींव, जड़ें जिसकी गहरी थीं अतीव। जनतंत्र का पोषक वह! नाम पर इसके, न जाने कितने देशों को डराया धमकाया; परिवर्तन सत्ता का कराया? कालचक्र में…

  • मानव यही धर्म | Manav Yahi Dharm

    मानव यही धर्म ‘मानव’ यही रहा है धर्म पुराना,धर्म का न कोई अलग निशाना;न देखा ‘अल्लाह’ को किसी ने,नहीं ‘गॉड’ से भी पाया किसी ने | इंसान ने ही भगवान बनाया,भगवान एक ही आद्य या अंत;अब तो मिटा दिया करो सभी,दिवार जात-पात या धर्म-पंथ | धर्म भेद को भूलाकर सभी,एक साथ रहो मिलकर अभी;धर्म कलह…

  • लड़ाई लंबी है | Poem in Hindi on Ghaza War

    लड़ाई लंबी है ! ( Ladai lambi hai )    हुई मानवता तार-तार,लड़ाई लंबी है, नाच रही है मौत, लड़ाई लंबी है। एटम-बम बना खिलौना कुछ लोगों का, द्वार चक्रव्यूह तोड़,लड़ाई लंबी है। नभ,जल,थल से न बरसेंगे फूल कोई, लहू से सने हैं हाथ,, लड़ाई लंबी है। महंगाई,बेकारी पर किसी का ध्यान नहीं, बदलेगा भूगोल,लड़ाई…

  • ओ इंसान | Oye Insaan

    ओ इंसान ( Oye Insaan ) ओ इंसान ,हर जगह छोड़,अपनी अच्छाई के निशान ।और अपनी, सच्चाई के निशान ।बस इसी में लगा , तू अपनी जान ।पहले बन , अच्छा इंसान ।फ़िर गुणवान, और चरित्रवान ।लोग करें , तेरा गुणगान ।कर तू कुछ , ऐसा मेरी जान ।बना अलग ,अपनी पहचान ।करें सब तुझपर,…

  • बेसुरी बांसुरी | Kavita Besuri Bansuri

    बेसुरी बांसुरी ( Besuri bansuri )   क्यों बनाते हो जीवन को बेसुरी सी बांसुरी फूंक कर सांसों को देखो सुर भरी है राग री।   चार  दिनों की चांदनी है फिर अधेरी रात री। कब बुझे जीवन का दीपक कर लो मन की बात री।   जोड़ कर रख ले जितना भी धन सम्पत्ति…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *