Tag: व्यंग्य

  • व्यंग्यात्मक लघुकथा | जंगल में चुनाव

    जंगल में चुनाव ( व्यंग्यात्मक लघुकथा ) ( Jangal Mein Chunav ) शहर की भीड़-भाड़ से दूर किसी जंगल में एक शेर रहता था । जिसका नाम शेरख़ान था । अब वह बहुत बुढ़ा हो चुका था इसलिए उसे अपने खाने-पीने  व शिकार करने में बहुत परिश्रम करना पड़ता था। परन्तु शेरख़ान के जवानी के दिनों…

  • गुडडू के नाम पत्र

    गुडडू के नाम पत्र मेरा और तुम्हारा साथ करीब 2 वर्ष पुराना है। मुझे याद है जब तुम पहली रात को मुझे मिली थी। तुम पहली नजर में ही मुझे पसंद आ गयी थी। यद्यपि तुम संवेदनशील और आत्मनिर्भर हो; नवम्बर तो तुम झेल जाती हो परंतु दिसम्बर की हाड़ कंपा देने वाली ठंड में…

  • क्या रावण मर गया है ?

    आज दोपहर उस वक्त मुझे  प्रभु राम मिले जब मैं नींद में था। कहीं जा रहे थे वह, जल्दी में थे। मैंने उन्हें देखा और पुकारा। वह रुके। मैंने उन्हें प्रणाम किया। उन्होंने जल्दबाजी में अपना दायाँ हाथ मेरे सर पर रखकर आशीर्वाद दिया। मैंने कहा प्रभु इतनी जल्दी में ?  उन्होंने कहा हां कहा…

  • टीआरपी का खेल!

    टीआरपी का खेल! ( व्यंग्य ) ***** टीआरपी के खेल में अबकी धरे गए हैं भैया, देखना है अब कैसे उन्हें बचाते हैं सैंया? चिल्ला चिल्ला कर तीन माह से- बांट रहे थे इंसाफ! हाईकोर्ट ने पल में मिला दिया उसे खाक। कह दिया रिया ‘ड्रग सिंडिकेट’ का हिस्सा नहीं, बनाओ स्वामी कहानी कोई और…

  • कोविड अस्पतालों की सच्चाई | Kavita

    कोविड अस्पतालों की सच्चाई | Kavita

    कोविड अस्पतालों की सच्चाई ! ******* डेडिकेटेड कोविड अस्पताल! का कुछ ऐसा है हाल? न बेड है, न डाॅक्टर रहे देख हैं! कहीं पीपीई किट नहीं, तो कहीं जरूरी उपकरण ही नहीं! वेंटीलेटर की तो पूछो ही मत, जिला में नहीं,मीडिया का है अभिमत। वो बता रहे हैं, दिखा रहे हैं। जिला अस्पतालों में नहीं…

  • बंदर मामा | Poem bandar mama

    बंदर मामा | Poem bandar mama

    बंदर मामा ( Bandar mama ) ***** बंदर मामा बंदर मामा, कब तक पहनोगे पैजामा? बचपन से पढ़ते आए हैं, रट रट किस्से सुनाए है। अब तुम भी बदलो अपना जामा, बंदर मामा बंदर मामा। जिंस टाॅप सिलवाओ, एक मोबाइल खरीद लाओ। इंटरनेट कनेक्शन पाकर- दिन-रात उसे चलाओ, अब झट से तुम भी , स्मार्ट…

  • हम शराब तो नहीं पीते | Sharab par kavita

    हम शराब तो नहीं पीते | Sharab par kavita

    हम शराब तो नहीं पीते ( Hum sharab to nahi pite )    हम शराब तो नहीं पीते लेकिन इतना पता है कि ये गिलास भी प्रकृत की तरह जाती धर्म में भेद भाव नहीं करता।   क्यों गलत कहे हम शराब है! जब दुनिया ही यह खराब है!!   आकर के मैखाने से,जिस दिन…

  • स्वर्ग में कोरोना | Kahani

    स्वर्ग में कोरोना | Kahani

    स्वर्ग में कोरोना  ★■★ ब्रह्मलोक में दरबार सजा हुआ है। ब्रह्मा जी की अध्यक्षता में देवराज इंद्र, रुद्र, गणेश जी, कार्तिकेय, समस्त लोकों से आये देवगण जिसमे गन्धर्व, यक्ष, पितृ आदि वर्ग के देवता उपस्थित हैं। ब्रह्मा जी के समीप लेखाकार चित्रगुप्त जी बही खाते सम्भाले गद्दी पर विराजमान हैं। सभा मे पृथ्वी सहित अन्य…