हम शराब तो नहीं पीते

हम शराब तो नहीं पीते | Sharab par kavita

हम शराब तो नहीं पीते

( Hum sharab to nahi pite )

 

 हम शराब तो नहीं पीते लेकिन इतना पता है कि ये गिलास

भी प्रकृत की तरह जाती धर्म में भेद भाव नहीं करता।

 

क्यों गलत कहे हम शराब है!
जब दुनिया ही यह खराब है!!

 

आकर के मैखाने से,जिस दिन घूम जाएगा!
मेरे बोतल को होठों से यदि तु चूम जाएगा!!

 

जिस जाति जिस मजहबों से आता होगा तु!
एक घुट लगा के मान यक़ीं झूम जाएगा !!

 

✍️ आकाश कुमार

 

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