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लग रहा जैसे हो सजा जीवन
ByAdminलग रहा जैसे हो सजा जीवन लग रहा जैसे हो सजा जीवन! इस कदर ग़म से भर गया जीवन जी न पाया कभी ख़ुशी के पल ग़म की भट्टी में यूँ जला जीवन एक पल की ख़ुशी की चाहत में बस भटकता रहा मेरा जीवन ग़म ही ग़म हैं मेरी…

खैराती अस्पताल का मरीज | डॉ.कौशल किशोर श्रीवास्तव की कलम से
ByAdminखैराती अस्पताल का मरीज वे तीन डाॅक्टर थे ओर वह एक मरीज था । मरीज डाॅक्टरों को एक घन्टे से देख रहा था। पर वे मरीज को नहीं देख रहे थे। वे तीनो एक दूसरे को पवित्र “जोक्स” सुना कर ढहाके लगा रहे थे जिसमें मरीज का दर्द पिघल रहा था। जब मरीज के शरीर…

ग़म की बारिश में मैं भीगता रह गया | Gam ki Shayari
ByAdminग़म की बारिश में मैं भीगता रह गया ( Gam ki baarish mein main bhigta rah gaya ) ग़म की बारिश में मैं भीगता रह गया उसकी यादों में ही डूबता रह गया वो सनम गैरों से आशना हो गये मै उन्हें ख़ुद से ही रोकता रह गया इश्क़ करके मुझे अब…

मौसम गर्मी का
ByAdmin?मौसम गर्मी का ? अब तो तैयारी कर लो मौसम है आया गर्मी का। देखो त्याग कर दिया है इस धूप ने भी नर्मी का।। कहां बूंद शबनमी के वो मंज़र सुहाने कोहरे के! ना ही सर्द वो हवाएं ना नामो-निशां नमी का।। मंजर हुए सुनहरे खेतों तालाबों झील के। ज्यूं श्रृंगार…

प्यार करता हूँ | Pyar Kavita
ByAdminप्यार करता हूँ ( Pyar karta hun ) बहार क्या होती है फूल क्यूँ खिलते हैं भँवरे क्यों गाते हैं खुशबू क्यों बिखरती है सूरज क्यों निकलता है चाँद रात भर आकाश में, क्यूँ चक्कर लगाता है बारिश क्यों होती है दिन क्यूँ होता है रात क्यूँ ढलती है। हवा क्यों बहती है पँछी…

