ज़रा मौसम बदलने दे बहारें फिर से आएगी
ज़रा मौसम बदलने दे बहारें फिर से आएगी

ज़रा मौसम बदलने दे बहारें फिर से आएगी

 

ज़रा  मौसम  बदलने   दे  बहारें  फिर  से  आएगी।
चमन में गुल ही गुल होंगे  कतारें फिर से आएगी।।

 

सभी  पे   वक्त  आता  है  बचा है कौन जीवन में ?
ये दुनिया साथ में इक दिन हमारे फिर से आएगी।।

 

तमाशा   देखने  वालो  ज़रा  तुम  गौर से  देखो।
जो  लगती  डूबती  नैया  किनारे फिर से आएगी।।

 

बढाओ  मेल  आपस में  सभी  कुछ भूल के यारो।
बढाई   दूरियां  ग़र   तो   दरारें  फिर  से  आएगी।।

 

“कुमार” मायूस  मत होना  ग़मों को देख जीवन में।
है  ग़र  तकदीर में खुशियां दुआरे फिर से आएगी।।

 

🌹

 

कवि व शायर: Ⓜ मुनीश कुमार “कुमार”
(हिंदी लैक्चरर )
GSS School ढाठरथ
जींद (हरियाणा)

यह भी पढ़ें : 

अगर रिश्ता निभाना हो वफाएं काम आती है

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here