Tag: शेरो-शायरी
उल्फ़त का कभी अच्छा अंजाम नहीं होता
उल्फ़त का कभी अच्छा अंजाम नहीं होता उल्फ़त का कभी अच्छा अंजाम नहीं होता इससे बड़ा कोई भी बदनाम नहीं होता मैं बात नही कह पाता दिल की कभी उससे पीने को अगर हाथों में जाम नहीं होता हर व़क्त घेरे है यादें दिल को बहुत मेरे हाँ यादों से ही…
जब भी मिला तो आँख मिलाकर नहीं मिला
जब भी मिला तो आँख मिलाकर नहीं मिला जब भी मिला तो आँख मिलाकर नहीं मिला दुश्मन भी मेरे कद के बराबर नहीं मिला घर उसका मिल गया है, वो घर पर नहीं मिला यानी पता तो मिल गया नंबर नहीं मिला लड़की को पूरी छूट मिली भी तो घर ही…
फूल उल्फ़त का दिया है आज फ़िर
फूल उल्फ़त का दिया है आज फ़िर फूल उल्फ़त का दिया है आज फ़िर! कोई अपना कर गया है आज फ़िर छेड़कर नग्मात दिल के प्यार में कोई दिल रुला गया है आज फ़िर छोड़ जो मुझको गया था भीड़ में वो मुझे अब ढूंढ़ता है आज फ़िर याद आयी…
यहां तो जिंदगी में ग़म रहा है
यहां तो जिंदगी में ग़म रहा है यहां तो जिंदगी में ग़म रहा है ख़ुशी का कब यहां आलम रहा है वफ़ा के नाम पत्थर मारे उसनें निगाहें करता मेरी नम रहा है ख़ुशी का होता फ़िर अहसास कैसे ग़मों का सिलसिला कब कम रहा है खिलेंगे गुल मुहब्बत के…
वो हक़ीक़त में रूठे थे और रूठे ख़्वाब में
वो हक़ीक़त में रूठे थे और रूठे ख़्वाब में वो हक़ीक़त में रूठे थे और रूठे ख़्वाब में कर गये है वो गिले कल रात ऐसे ख़्वाब में भूल जाता मैं उसे दिल से हमेशा के लिये वो अगर मेरे नहीं जो दोस्त होते ख़्वाब में जिंदगी भर जो नहीं मेरे…
Ghazal | रहा हौंसला हर मुसीबत में भारी
रहा हौंसला हर मुसीबत में भारी ( Raha Hausala Har Musibat Me Bhari ) रहा हौंसला हर मुसीबत में भारी। न टूटी दुःखों में भी हिम्मत हमारी।। मिटे दिल के अरमां रहे सोच के चुप। किसी रोज होगी हमारी भी बारी।। लिखा हाथ की जो लकीरों में रब ने। वो छीनेगी…
तुझको दिल देख बहल जाता है
तुझको दिल देख बहल जाता है तुझको दिल देख बहल जाता है। इक तेरा साथ हमें भाता है।। डाल के आंखें तेरा आंखों में। यूं मुस्काना ग़ज़ब सा ढ़ाता है।। पास में आना कोई बहाना कर। दिल में अरमां कई जगाता है।। बस ख्यालों में तेरे खो जाउं। ख्याल ये…
आज आंखों में नमी है देखिए
आज आंखों में नमी है देखिए आज आंखों में नमी है देखिए! जीस्त में उसकी कमी है देखिए लौट आ तेरे बिना ए सनम कितनी तन्हा जिंदगी है देखिए शहर में कोई नहीं है अपना ही हर कोई तो अजनबी है देखिए देख ले तू प्यार से ही इक नज़र…
किसी से नहीं अब रही आस बाकी
किसी से नहीं अब रही आस बाकी किसी से नहीं अब रही आस बाकी। रहा अब कहीं पर न विश्वास बाकी।। मिटे प्यार में इस तरह हम किसी के। जलाने की ख़ातिर नहीं लाश बाकी।। वफा की बहुत पर हुआ कुछ न हासिल। नहीं कुछ हमारे रहा पास बाकी।। गए…
ढ़ल रही धूप है सूरज की देखिए
ढ़ल रही धूप है सूरज की देखिए ढ़ल रही धूप है सूरज की देखिए! है उछल कूद ये आदमी देखिए भा गयी है आंखों को सूरज की लाली ख़ूबसूरत बड़ी दिलकशी देखिए रास्ते मंजिलों के दिखाने को ही राहों में फ़ैली है रोशनी देखिए जीतेंगे जंग रख हौसला दुश्मन से…