तुझको दिल देख बहल जाता है

तुझको दिल देख बहल जाता है

तुझको दिल देख बहल जाता है

 

 

तुझको दिल देख बहल जाता है।
इक तेरा साथ हमें भाता है।।

 

डाल के आंखें तेरा आंखों में।
यूं मुस्काना ग़ज़ब सा ढ़ाता है।।

 

पास में आना कोई बहाना कर।
दिल में अरमां कई जगाता है।।

 

बस ख्यालों में तेरे खो जाउं।
ख्याल ये दिल में मेरे समाता है।।

 

दिल न “कुमार” कहीं मेरा लगता।
चैन तुझे देख के ही आता है।।

 

☘️

 

कवि व शायर: Ⓜ मुनीश कुमार “कुमार”
(हिंदी लैक्चरर )
GSS School ढाठरथ
जींद (हरियाणा)

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किसी से नहीं अब रही आस बाकी

 

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