होता उसका अब नहीं दीदार है
होता उसका अब नहीं दीदार है होता उसका अब नहीं दीदार है राहों में मेरी खड़ी दीदार है बोलता मुझसे नहीं वो आजकल वो मुझे लगता खफ़ा ही यार है राह में मेरी किसी के आने की मेरी आंखें नींद से बेदार है प्यार का क्या बोलेगा…
होता उसका अब नहीं दीदार है होता उसका अब नहीं दीदार है राहों में मेरी खड़ी दीदार है बोलता मुझसे नहीं वो आजकल वो मुझे लगता खफ़ा ही यार है राह में मेरी किसी के आने की मेरी आंखें नींद से बेदार है प्यार का क्या बोलेगा…