आश हम्द की शायरी | Aash Hamd Shayari
दोस्ती इक चराग़ दिल में जो इक चराग़ है, वो दोस्ती का है।ग़म में भी जो निभा दे, वो साथ दोस्ती का है। साए की तरह साथ जो हरदम रहे सदाभूलकर भी न भूले वो दोस्ती का वादा बे-लफ़्ज़ बात हो तो भी सब कुछ समझ ले वोहमारी ख़ामोशियों को भी हमेशा ही सुन ले…

