Aazam shayari

  • जल गये लोग | Aazam shayari

    जल गये लोग उसको गुलाबी कहाँ! ( Jal gaye log usko gulabi kahan )     जल गये लोग उसको गुलाबी कहाँ! फूल सा खिलता जब शबाबी कहाँ   अंजुमन में ख़िलाफ़ हो गये लोग सब जब उसे आज अपना ज़नाबी कहाँ   हो गया है यहाँ आपस यूं फ़साद जब उसे यूं  लोगों ने…