Bhojpuri Kavita

  • Bhojpuri Vyang | प्रधानी

    प्रधानी ( Pradhani )    1 गउंआ भा लंका बजा जब डंका  फोन गईल घर से राजधानी आवा हो भैया कन्हैया भी आवा  भौजी  लड़े अबकी प्रधानी …..  आवा हो भैया…. 2 आपन सीट जुगाड़ भी फीट करें मनमानी जो देवई पीट  चले नहीं मर्जी नहीं वोट फर्जी   होय ना देबई अबकी बेईमानी ……..

  • Bhojpuri Vyang नेतागिरी

    नेतागिरी (व्यंग ) ( Netagiri – Vyang )   हमहू करबई नेतागिरी झट से आए हमरो अमीरी नेतागिरी में आराम बा सबसे बढ़िया काम बा एक बार जब जीत के जाईब जिवन भर पेंशन हम पाईब जब तक रहिब विधायक सांसद, खूबई पैसा लेब कमाईब हमहू करबई जम के लूट बोलब जनता से खूब झूठ…

  • Ja-Ra-Mat Bhojpuri Kavita -जरअ मत !

    जरअ मत !  ** (भोजपुरी भाषा में) ******   ना त राख हो जइब, कोयला नियर खाक हो जइब। बाॅडी मास ( Body, Mass ) सब हो जाई हवा, एकर नइखे कवनो दवा। इ प्रकृति के नियम बा- जे जरी ऊ साफ होई, जरला पर राख होई। हवा उड़िया ले जाई, अस्तित्व तोहार मिटाई। त…