जाये यारो | Ghazal Jaye Yaro
जाये यारो ( Jaye Yaro ) दिल की सरगोशी मिरी मुझको डराये यारो। हद कि बस याद वही याद क्यूं आये यारो। मुस्तकिल कह दो रहे उससे वो दिल में मेरे और जाना है तो फिर जल्द ही जाये यारो। मुझको मंजूर सज़ा जो वो मुक़र्रर कर दे शर्त बस ये की ख़ता मेरी बताये…

