Tag: Ghazal
चेहरा गुलाब जैसा है | Ghazal
चेहरा गुलाब जैसा है ( Chehra gulab jaisa hai ) मुस्कुराते हुए लब और चेहरा गुलाब जैसा है अब तो वो मेरे लिए बस इक ख्वाब जैसा है काबीलियत नहीं मेरी शायद जिसे पाने की जिंदगी में मेरे लिए वह उस खिताब जैसा है मेरा वजूद मुनव्वर है आज भी उसके दम…
चमन में अब निखार है शायद | Ghazal
चमन में अब निखार है शायद ( Chaman me ab nikhar hai shayad ) चमन में अब निखार है शायद। आने वाली बहार है शायद ।। वो मर गया मगर हैं आंखें खुली, किसी का इंतजार है शायद।। गर्ज पूरी हुई मुंह मोड़ लिया, बहुत मतलबी यार है शायद।। पांव में…
प्यार का ए ख़ुदा अब गुलाब चाहिए | Ghazal
प्यार का ए ख़ुदा अब गुलाब चाहिए! ( Pyar ka e khuda ab gulab chahie ) प्यार का ए ख़ुदा अब गुलाब चाहिए! इक हंसी जिंदगी में ज़नाब चाहिए नफ़रतों के पन्ने पड़ लिये ख़ूब है प्यार की उम्रभर अब क़िताब चाहिए जो ख़ुशी से भर दें दामन मेरा सदा ऐसा…
आज मुद्दतों बाद | Romantic Ghazal
आज मुद्दतों बाद ( Aaj muddaton baad ) आज मुद्दतों बाद वो चुपके से पास आकर मेरा हाथ सहलाकर पूछती है कहाँ गुम हो क्यों खामोश हो मुझे क्यों भूल गये स्याही क्या सूख गई हर्फ क्या नहीं मिल रहे अलफाज़ नहीं जुड़ रहे क्यों इतने गमगीन हो जो मुझको…
नहीं कोई शहर में आशना यहां मेरा | Ghazal
नहीं कोई शहर में आशना यहां मेरा ( Nahin koi shahar mein aashna yahan mera ) नहीं कोई शहर में आशना यहां मेरा ! हाले दिल ये कौन जो पूछता यहां मेरा कि सोचता हूँ नगर छोड़ दूँ इसलिए मैं नहीं कोई तन्हाई के सिवा यहां मेरा उदास पन इसलिए भर…
प्यार की मेरे अधूरी सी कहानी रह गयी | Love Shayari
प्यार की मेरे अधूरी सी कहानी रह गयी ( Pyar ki meri adhuri si kahani rah gai ) प्यार की मेरे अधूरी सी कहानी रह गयी! आँखों में आंसू दिल में ग़म की रवानी रह गयी आज दिल से लुट गयी है वो मुहब्बत की ख़ुशी ग़म भरी ही रोज़ अपनी जिंदगानी…
रक्खी जिससे यहां दोस्ती ख़ूब है | Ghazal
रक्खी जिससे यहां दोस्ती ख़ूब है ( Rakhee jisse yahan dosti khoob hai ) रक्खी जिससे यहां दोस्ती ख़ूब है ! कर गया आज वो दुश्मनी ख़ूब है जिंदगी की बुझे प्यास अब ए ख़ुदा प्यार की उठ रही बेकली ख़ूब है रात दिन आँखों में ही नमी ख़ूब है यादों…
रात दिन आंखों में ही नमी ख़ूब है | Ghazal
रात दिन आंखों में ही नमी ख़ूब है ( Raat din aankhon mein hi nami khoob hai ) रात दिन आँखों में ही नमी ख़ूब है यादों की चोट दिल पे लगी ख़ूब है ए ख़ुदा कर दें ऐसी बरसी बुझ जाये प्यार की प्यास दिल को लगी ख़ूब है दूर…
देर तक प्यार की गुफ्तगू खूब की | Ghazal
देर तक प्यार की गुफ्तगू खूब की ( Der tak pyar ki guftagu khoob ki ) देर तक प्यार की गुफ़्तगू ख़ूब की उसने सूरत मेरे रू-ब-रू ख़ूब की ख़ा गया हूँ दग़ा उसकी इस बात से प्यार की उसने बातें शुरु ख़ूब की दोस्ती जब से तेरी मेरी हो गयी लोगों…
किन सोचो में गुम हो फ़ैसल | Ghazal
किन सोचो में गुम हो फ़ैसल ( Kin sochon mein gum ho faisal ) किन सोचो में गुम हो फ़ैसल! इतने क्यूँ गुमसुम हो फ़ैसल औरो की गलती भी क्या है गुनहगार तो तुम हो फ़ैसल झूम उठे जो मन का सावन बारिश वो रिमझिम हो फ़ैसल बाहर निकलें मेरा…