Tag: Hindi Kavita
विदा | Kavita
विदा ( Vida ) तुम कह देना उन सब लोगों से, जिन्हें लगता है हम एक दुजे के लिए नहीं. जो देखते है सिर्फ़ रंग, रूप और रुतबा जिन्होंने नहीं देखा मेरे प्रेम की लाली को तुम्हारे गलो को भिगोते हुए. जो नहीं सुन पाए वो गीत जो मैंने कभी लफ़्ज़ों में पिरोए ही नहीं.…
Hindi Diwas Poem | मेरा सम्मान – मातृभाषा हिन्दी
मेरा सम्मान – मातृभाषा हिन्दी ( Mera samman – matribhasha Hindi ) कब तक हिंदी मंद रहेगी अग्रेजी से तंग रहेगी कब तक पूजोगे अतिथि को कब तक माँ यूँ त्रस्त रहेगी माना अग्रेजी की जरूरत सबको माना बिन इसके नहीं सुगम डगर हो माना मान सम्मान भी दिलवाती पर मातृ भाषा बिन कैसी…
पर्यावरण सुरक्षा ही जीवन रक्षा | Paryavaran Kavita
पर्यावरण सुरक्षा ही जीवन रक्षा ( Paryavaran suraksha hi jeevan raksha ) पर्यावरण की रक्षा से जीवन सुरक्षित करना होगा हरियाली के उत्कर्ष से देश हित में बढ़ना । होगा हिंदुस्तान से मोहब्बत है तो आओ दिखलाओ पर्यावरण सुरक्षित कर जीवन जोत जलाओ पर्यावरण सुरक्षा का पूर्ण ज्ञान देता है हम सबको…
गणपति वंदना | Ganpati Vandana
गणपति वंदना : दुर्मिल-छंद ( Ganpati Vandana ) बल बुद्धि विधाता,सुख के दाता, मेरे द्वार पधारो तो। जपता हूं माला,शिव के लाला, बिगड़े काज सवारों तो। मेरी पीर हरो,तुम कृपा करो, भारी कष्ट उबारो तो। तेरा दास जान,तुम दयावान, मेहर करो भव तारो तो।। सिर मुकुट जड़ा है,भाग बड़ा है, बड़ी सोच रखवाले…
प्रथम पूज्य आराध्य गजानंद | Kavita
प्रथम पूज्य आराध्य गजानंद ( Pratham pujya aradhya gajanand ) बुद्धि विधाता विघ्नहर्ता, मंगल कारी आनंद करो। गजानंद गौरी सुत प्यारे, प्रभु आय भंडार भरो। प्रथम पूज्य आराध्य गजानंद, हो मूषक असवार। रिद्धि-सिद्धि संग लेकर आओ, आय भरो भंडार। गणेश देवा गणेश देवा,जन खड़े जयकार करे। लंबोदर दरबार निराला, मोदक छप्पन भोग…
प्रथम पूज्य आराध्य गजानन | Kavita
प्रथम पूज्य आराध्य गजानन ( Pratham pujy aradhy gajanan ) आओ मिल करते अभिनंदन। देव अग्रज गणपति को वंदन।। ज्ञान के दाता बुद्धि विधाता, चौड़ा मस्तक हमें सिखाता, दर्शन दो प्रभु द्वार खड़े हैं, पार्वती शिव के हो नंदन। देव अग्रज गणपति को वंदन।। गज सा बदन लिए हो भारी। मूषक पर…
अंतर्मन की बातें | Kavita
अंतर्मन की बातें ( Antarman ki baatein ) अंतर्मन की बातें निकल जब, बाहर आती हैं। हर पल बदलती जिंदगी, कुछ नया सिखाती है।। खुशी से हर्षित है ये मन, निशा गम की छा जाती है । कभी बिछुड़न बना है दर्द, मिलन से खुशियां आती है।। कभी ऐसे लगे जीवन ,खुशनसीब…
बेटी | Kavita
बेटी ( Beti ) बेटी- है तो, माँ के अरमान है, बेटी- है तो, पिता को अभिमान है! बेटी- है तो, राखी का महत्त्व है, बेटी- है तो, मायका शब्द है! बेटी- है तो, डोली है, बेटी- है तो, बागों के झुले हैं! बेटी- है तो, ननद- भाभी की ठिठोली है! बेटी- है…
शिक्षक | Shikshak Par Kavita
शिक्षक ( Shikshak ) ये सच है जन्म पोषण परिवार दे देते हैं। शिक्षक उसे सफलता का द्वार दे देते हैं।। जीवन के मनोरथ सकल सिद्ध तुम्हारे हों, यश कीर्ति बढ़े ऐसा संस्कार दे देते हैं।। आने का प्रयोजन भी कुछ शेष न रह पाये, अन्त: तिमिर में सूर्य सा उजियार दे देते हैं।।…
गुरुर ब्रहमा गुरुर विष्णु | Teacher’s Day Par Kavita
गुरुर ब्रहमा गुरुर विष्णु ( Gurur Brahma Gurur Vishnu ) जहाँ सिर श्रृद्धा से झुक जाते है अपने शिक्षक सभी याद आते हैं माँ मेरी प्रथम शिक्षिका है मेरी जीवन की वही रचियेता है पिता से धेर्य सीखा और सीखी स्थिरता चुपचाप जिम्मेदारी वहन करना और मधुरता दादी दादा नानी नाना से सीखा मिलजुल…