Tag: hindi poetry

  • आया राखी का त्यौहार | Geet rakhi par

    आया राखी का त्यौहार  ( Aaya rakhi ka tyohar )   आया राखी का त्यौहार आया राखी का त्यौहार कलाई पर बांध रही है बहना लेकर हर्ष अपार आया राखी का त्यौहार   एक रेशम की डोर लाई, बहना छम छम करती आई। चंदन तिलक लगा माथे पर, बहना करती मंगलाचार। आया राखी का त्यौहार   महक रहा…

  • राखी का त्यौहार | Kavita Rakhi ka tyohar

    राखी का त्यौहार ( Rakhi ka tyohar )   बात-बात पे लड़ना, बात -बात पे झगड़ना, कभी रूठना ,कभी मनाना, कभी अड़ना;   बड़ा नटखट है- भाई बहन का प्यार, देखो, आ गया ये राखी का त्यौहार ।। सतरंगी रंगों में चमक रही हैं राखियाँ, हर तरफ़ बिखरी हैं सैकड़ों मिठाइयाँ;   आज पूरी तरह…

  • लो आया राखी का त्यौहार | Geet

    लो आया राखी का त्यौहार ( lo aaya rakhi ka tyohar )   लो आया राखी का त्यौहार, बरसे भाई बहन का प्यार, कच्चे धागों में बसता है, सुहाने रिश्तो का संसार, लो आया राखी का त्यौहार-2   माथे चंदन अक्षत रोली, बहना नेह भरी रंगोली, कलाई पर बांध रही है, बहना अपना प्यार, लो…

  • ईश प्रार्थना बल देती है

    ईश प्रार्थना बल देती है ( Eesh prarthana bal deti hai )   ईश प्रार्थना बल देती, हिम्मत और संबल देती है। आस्था विश्वास प्रेम से, उर में शक्ति भर देती है।   मनोकामना पूरी करके, खाली झोली भर देती है। आशाओं के दीप जला,ईश प्रार्थना बल देती है।   हर लेते प्रभु संकट सारे,…

  • चेहरा गुलाब जैसा है | Ghazal

    चेहरा गुलाब जैसा है ( Chehra gulab jaisa hai )   मुस्कुराते हुए लब और चेहरा गुलाब जैसा है अब तो वो मेरे लिए बस इक ख्वाब जैसा है   काबीलियत नहीं मेरी शायद जिसे पाने की जिंदगी में मेरे लिए वह उस खिताब जैसा है   मेरा वजूद मुनव्वर है आज भी उसके दम…

  • चमन में अब निखार है शायद | Ghazal

    चमन में अब निखार है शायद ( Chaman me ab nikhar hai shayad )   चमन में अब निखार है शायद। आने वाली बहार है शायद ।।   वो मर गया मगर हैं आंखें खुली, किसी का इंतजार है शायद।।   गर्ज पूरी हुई मुंह मोड़ लिया, बहुत मतलबी यार है  शायद।।   पांव में…

  • प्यार का ए ख़ुदा अब गुलाब चाहिए | Ghazal

    प्यार का ए ख़ुदा अब गुलाब चाहिए! ( Pyar ka e khuda ab gulab chahie )     प्यार का ए ख़ुदा अब गुलाब चाहिए! इक हंसी जिंदगी में  ज़नाब  चाहिए   नफ़रतों के पन्ने पड़ लिये ख़ूब है प्यार की उम्रभर अब क़िताब चाहिए   जो ख़ुशी से भर दें दामन मेरा सदा  ऐसा…

  • प्यार भरा दिल मेरा तोड़ कर वो गया | Sad Shayari

    प्यार भरा दिल  मेरा तोड़ कर वो गया ( Pyar bhara dil mera tod kar wo gaya )     प्यार भरा दिल  मेरा तोड़कर वो गया  उम्रभर  के  लिये  छोड़कर  वो  गया   देखता  रह  गया  बेबसी  से  उसे मुझसे ही मुंह अभी मोड़कर वो गया   लें  गया  वो  निशानी  सगाई  की  ही…

  • सियासत बहुत है | Siyasat Par Kavita

    सियासत बहुत है ( Siyasat bahot hai )   मेरी तालीम मुझसे कहती सियासत बहुत है… हंसती दुनिया को रुलाती सियासत बहुत हैl   कोई हमें बताए जरा हम महफूज कैसे रहे ….. भाई को भाई से लड़ाती सियासत बहुत है।   फूलों की खुशबू सा महकता जीवन अपना …. हवाओं में  जहर घोलती  सियासत…

  • “कुर्बानियां आंदोलन के चक्रव्यूह में मिली हमें आजादी थी”

    “कुर्बानियां आंदोलन के चक्रव्यूह में मिली हमें आजादी थी” क्रांतिकारियों के हृदय में भड़की आजादी की चिंगारी थी। गुलामी के प्रांगण में, रची आजादी की कहानी थी। वह तो स्वतंत्रता सेनानी की कुर्बानी थी। वह तो स्वतंत्रता सेनानी की कुर्बानी थी। लाल कुर्ती में बजाया आजादी का था बिगुल। छेड़ कर महासंग्राम चटाई अंग्रेजों को…