आधी अधूरी सी | Poem aadhi adhuri si
आधी अधूरी सी ( Aadhi adhuri si ) क्यूँ रही मुलाकात आधी अधूरी सी….. कुछ देर वक्त ठहर जाता चुराकर तुम ही को तुम ही से जिंदगी मुकम्म्मल कर लेता ‘इश्क’ सी जो रह गई आधीअधूरी सी क्यूँ रही मुलाकात आधी अधूरी सी….. रात के दामन से कहकशां ले…

