poem on samay

  • वक्त की आवाज | Samay Geet

    वक्त की आवाज ( Waqt ki awaz hai ye : Geet )   वक्त  की  आवाज है ये, समय की पुकार भी। तोड़े नियम सृष्टि के, नर कर लो स्वीकार भी।   चीरकर पर्वत सुरंगे, सड़के बिछा दी सारी। वृक्ष विहिन धरा हुई, बरसी भीषण बीमारी।   कहर कुदरत का बरसा, तिरोहित हुआ प्यार भी।…

  • समय बड़ा बलवान | Samay poem

    समय बड़ा बलवान ( Samay bada balwan )   वक्त वक्त की बात है, समय समय का फेर, विफलता हाथ लगे, हो जाती जब देर।   वक्त रहते संभल जा, पढ़े समय की मार, फूंक-फूंक कर रखे, कदम घर के बाहर।   वक्त सभी का आता, कालचक्र का खेल, जंग जीतता वही, कष्ट जो लेता…