समय बड़ा बलवान

समय बड़ा बलवान | Samay poem

समय बड़ा बलवान

( Samay bada balwan )

 

वक्त वक्त की बात है,
समय समय का फेर,
विफलता हाथ लगे,
हो जाती जब देर।

 

वक्त रहते संभल जा,
पढ़े समय की मार,
फूंक-फूंक कर रखे,
कदम घर के बाहर।

 

वक्त सभी का आता,
कालचक्र का खेल,
जंग जीतता वही,
कष्ट जो लेता झेल।

 

वक्त है कीमती सदा,
समय बड़ा बलवान,
समय समय की बात,
पल-पल को पहचान।

 

हिम्मत रखिए जो सदा,
वो सफलता पाता,
घड़ी घड़ी आस में,
वक्त बीतता जाता।

 

जो समय के संग हो,
करता वही विस्तार,
वक्त नहीं करता है,
किसी का इंतजार।

?

कवि : रमाकांत सोनी

नवलगढ़ जिला झुंझुनू

( राजस्थान )

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