रहूँ मैं खुदा की पनाह में | Rahoon main khuda ki panah mein
रहूँ मैं खुदा की पनाह में ( Rahoon main khuda ki panah mein ) रहूँ मैं ख़ुदा की पनाह में न आऊँ अदू की निग़ाह में ख़ुदा ख़ूब मुझसे ख़फ़ा होगा न कर जीस्त अपनी गुनाह में सनम सोफ़ तुझसे दिया सदा मेहर और क्या दू निकाह…

