Tag: ram par kavita

  • वह राम कहां से लाऊं मैं | राम पर कविता

    वह राम कहां से लाऊं मैं  शबरी    के   जूठे   बेरों   से जो तनिक नहीं भी बैर किया सब  ऊंच – नीच  के भेदों से जो  ना  अपना ना गैर किया उस  पुरषोत्तम  श्री  रामचन्द्र को  आज  कहां  से लाऊं मैं अब  लखन जानकी संग राम को  देख  कहीं  ना  पाऊं  मैं।…

  • मर्यादा पुरुषोत्तम राम | Kavita Maryada Purushottam Ram

    मर्यादा पुरुषोत्तम राम ( Maryada Purushottam Ram )   आदर्श आस्था आराध्य मर्यादा पुरुषोत्तम राम घट घट में प्रभु विराजे सुंदर छवि राम सुखधाम   रामनाम माला जप करते नित्य निरंतर हरि भजन कीर्तन करे रामभक्त सब पीर हरो हे दुख भंजन   राम नाम मुद्रिका ले हनुमंत चले सीता सुधी लाने लंकापति अभिमानी रावण…

  • राम नाम अनमोल | Ram Kavita

    राम नाम अनमोल ( Ram nam anmol : shri Ram poem in hindi)   राम ही गीत राम ही तान राम है सात सुरों का ज्ञान राम है एक सुंदर झंकार राम ही जीवन और संसार राम है व्यक्तित्व का दर्पण संपूर्ण साधना प्रभु को अर्पण राम शब्द है मीठे बोल राम नाम है अनमोल…