Rang kavita

  • रंग | Kavita Rang

    रंग ( Rang )   रंगो की समझ हो तो तस्वीर बना दो। छंदो की समझ हो तो फिर गीत बना दो। जज्बात मे लहर हो तो प्यार तू कर ले, जो कुछ नही आता तो दिवाना बना दो।   दिल पे तुम्हारी चाहतो के जो निशान है। वो घाव बडे गहरे है और लाइलाज…

  • रंग | Hindi poem rang

     “रंग”  ( Rang ) –>रंग समेटे हुए रंगीन नजारे, कितने सुंदर हैं || 1.रंगों से भरी रंगीन दुनियां, अत्यंत ही सुंदर है | जीवन मे सारे रंग भरे, लबालब भरा समंदर है | इन्द्रधनुष जो बिना रंग के, होता तो कैसा होता | ना होती रंगीन धरा तो, सोचो क्या जीवन होता | –>रंग समेटे…