रंग समेटे हुए रंगीन नजारे, कितने सुंदर हैं

रंग | Hindi poem rang

 “रंग” 

( Rang )

–>रंग समेटे हुए रंगीन नजारे, कितने सुंदर हैं ||
1.रंगों से भरी रंगीन दुनियां, अत्यंत ही सुंदर है |
जीवन मे सारे रंग भरे, लबालब भरा समंदर है |
इन्द्रधनुष जो बिना रंग के, होता तो कैसा होता |
ना होती रंगीन धरा तो, सोचो क्या जीवन होता |
–>रंग समेटे हुए रंगीन नजारे, कितने सुंदर हैं ||
2.जंगल हरे-भरे रहते हैं, उस पर रंग-बिरंगे पंक्षी |
चिडियों का रंगीन कोलाहल, लगती है धुन अच्छी |
इन्द्रधनुष के सात रंग हैं, बै-जा-नी-ह-पी-ना-ला |
छिटक जाए आसमान मे, लगता है कितना प्यारा |
–>रंग समेटे हुए रंगीन नजारे, कितने सुंदर हैं ||
3.भिन्न-भिन्न रंगीन मछलियां, मगरमच्छ मतबाला |
रंगीन समन्दर की दुनियां है, भरपूर खजाने बाला |
पत्थर की रंगीन प्रजाती, कोई मन्दिर कोई घाट में |
कोई सजा घर-महलों मे, रंगीन छठा के साथ में |
–>रंग समेटे हुए रंगीन नजारे, कितने सुंदर हैं ||
4.रंग-बिरंगे फूल खिले, उडती तितली रंग-बिरंगी |
खुल के भरे हैं रंग मोर मे, नाचे तो लगता फिरंगी |
लाल-गुलाबी-नीला-पीला, होली मे खेले जाते हैं |
संग मिल जाता रंग-भंग का, झूम-झूम लहराते हैं |
–>रंग समेटे हुए रंगीन नजारे, कितने सुंदर हैं ||

 

❤️

कवि :  सुदीश भारतवासी

 

 

यह भी पढ़ें :

आईना | Aaina kavita

Similar Posts

  • बनारस | Kavita Banaras

    बनारस ( Banaras )   कण कण में हैं शंकर जिसके , और मिट्टी है पारस ! तीन लोक से न्यारी नगरी , जिसका नाम बनारस !! आबोहवा यहां का अनुपम, फिजा में बसती मस्ती ! मोक्ष धाम है महादेव का , मानवता की बस्ती !! स्नेह समन्वय सदाचार संग, बहती ज्ञान की गंगा! सुख…

  • सफल जीवन उसने ही पाया!

    सफल जीवन उसने ही पाया! आया है सो एक दिन जाएगा,पर,जाने से पहले पछताएगा।कुछ काम तो कर ले बन्दे !वर्ना बच्चों के बीच शर्माएगा। बचपन, जवानी और बुढ़ापा,जीवन का हर रंग गहरा पा।अच्छा बोयेगा,अच्छा काटेगा,हरा-भरा-सा आजीवन रहेगा। बचपन में जिसे संस्कार मिला,पढ़ने का अच्छा आधार मिला।जवानी उसकी पहचान बनातीताकत भी राष्ट्र के काम आती। कुसंस्कारों…

  • अपना धर्म बताना है | Poem apna dharm batana hai

    अपना धर्म बताना है ( Apna dharm batana hai )   बुझी हुई चिंगारी है ये, फिर से इसमे आग भरो। याद करो इतिहास पुराना, और फिर से हुंकार भरो।   कोटि कोटि हिन्दू के मन में, धर्म के प्रति सम्मान भरो। दानव दल फिर प्रबल ना होए,तुम ऐसा प्रतिकार करो।   नही सहिष्णु हमें…

  • प्रेम में पड़ कर

    प्रेम में पड़ कर   अक्सर प्रेम से ओत प्रोत पुरूष समर्पित कर देता है पत्नी के हिस्से का प्रेम अपनी प्रेमिका को खुद के अस्तित्व को स्वयं ही नष्ट कर लेता है और….. ढूँढता है अपना अस्तित्व प्रेमिका के अंदर अस्तित्वहीन पुरूष स्वयं ही खत्म कर लेता है अपना महत्व और……… महत्वहीन पुरूष नहीं…

  • सृष्टि की अत्युत्तम रचना है नारी | Nari par Kavita in Hindi

    सृष्टि की अत्युत्तम रचना है नारी ( Srishti ki ati uttam rachna hai nari )    कोमल निर्मल सरस भाव, उरस्थ विमल सरिता । त्याग समर्पण प्रतिमूर्ति, अनंता अनूप कविता । सृजन उत्थान पथ पर, सदा शोभित महिमा भारी । सृष्टि की अत्युत्तम रचना है नारी ।। स्नेहगार ,दया उद्गम स्थल, अप्रतिम श्रृंगार सृष्टि का…

  • डॉ.भीमराव अम्बेडकर जयंती

    डॉ.भीमराव अम्बेडकर जयंती ( 2 ) चौदह अप्रेल अम्बेडकर जयंती है जशन मनायें संविधान निर्माता की जयंती है जशन मनायें अभावों में जीवन बसर कर आगे बढ़े पग पग पर अपमान झेल आगे बढ़े मां बाप का चौदहवां रतन अनमोल हीरा चौदह अप्रैल जयंती भारत रतन अनमोल हीरा विदेश में शिक्षा अर्जित की इकलोता शेर…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *