रीत दुनिया की | Reet Duniya ki
रीत दुनिया की ( Reet Duniya ki ) बह्र का नाम: बहरे हज़ज मुसम्मन सालिम अरकान: मुफाईलुन मुफाईलुन मुफाईलुन मुफाईलुन मात्राएँ: 1222 1222 1222 1222 मिला जो इक दफा वो हर दफा मिलता नहीं यारों, टूटा जो फूल डाली से कभी खिलता नहीं यारों ! लगा चाहे ले जितना ज़ोर लेकिन सच यही…

