सुनाई देगी तुझे मेरी सिसकियाँ | Siskiyaan Shayari
सुनाई देगी तुझे मेरी सिसकियाँ ( Sunai degi tujhe meri siskiyaan ) है प्यार देख लो दोनों के दर्मियाँ अब भी उसी के नाम पे रुकती हैं हिचकियाँ अब भी कभी छुपा के दी तुमने मुझे किताबों में रखी हैं मैंने वो महफ़ूज चिट्ठियाँ अब भी क़ुबूल होगी कभी तो दुआ ख़ुदा के दर…

